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UP: प्राथमिक शिक्षकों के समायोजन -3 में आगे कार्यवाही पर दो फरवरी तक बढ़ी रोक, जवाब दाखिल

Mon, 19 Jan 2026 11:25 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

मामले में राज्य सरकार ने जवाब दाखिल कर दिया गया है। इसके साथ ही याचियों को भी प्रतिउत्तर दाखिल करने का समय दे दिया गया है।
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- फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सोमवार को प्राथमिक शिक्षकों के समायोजन -3 मामले में आगे किसी कार्यवाही पर 19 जनवरी  तक लगी रोक, दो फरवरी तक के लिए बढ़ा दी है। साथ ही मामले में राज्य सरकार द्वारा दाखिल जवाब पर याचियों के अधिवक्ता को प्रतिउत्तर दाखिल करने को सप्ताह भर का समय दिया है।

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याची शिक्षकों की अधिवक्ता मीनाक्षी सिंह परिहार ने बताया कि कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई दो फरवरी को नियत करके अंतरिम आदेश दिया कि मामले की इस अगली सुनवाई की तिथि तक बेसिक शिक्षा विभाग के अफसर, समायोजन -3 मामले में आगे कोई कार्यवाही नहीं करेंगें। कोर्ट ने कहा था कि इस अंतरिम आदेश की राहत, इस याचिका के साथ संबद्ध अन्य याचिकाओं के याची शिक्षकों को भी उपलब्ध होगी। कोर्ट ने यह आदेश प्राथमिक शिक्षकों के समायोजन/ स्थानांतरण - 3 के शासनादेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर दिया। 

न्यायमूर्ति श्रीप्रकाश सिंह की एकल पीठ ने यह आदेश बाराबंकी की संगीता पाल समेत 29 प्राथमिक शिक्षकों की याचिका पर दिया। याचिकाओं में 14 नवंबर 2025 के बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी शिक्षकों के समायोजन/ स्थानांतरण के शासनादेश को चुनौती देकर रद्द करने का आग्रह किया गया है। याचियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एच जी एस परिहार का कहना था कि यह शासनादेश आर टी ई अधिनियम समेत बेसिक शिक्षा अधिनियम, 1972 के नियमों का उल्लंघन करने वाला है।
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इसके नियम 21 के तहत शिक्षक की सहमति के बाहर समायोजित न किए जाने की दलील दी। कहा इस समायोजन से जहां शिक्षकों की वरिष्ठता पर असर पड़ रहा है, वहीं निर्धारित छात्र- शिक्षक अनुपात प्रभावित होने जैसी अन्य विसंगतियां भी पैदा हो रही हैं। उधर, मामले में राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता पेश हुए। कोर्ट ने अगली सुनवाई तक याचियों को मामले में मिली अंतरिम राहत बढ़ा दी है।साथ ही राज्य सरकार को मामले में जवाब पेश करने का समय दिया है।

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