पांच पैरामीटर पर होगा मूल्यांकन व ग्रेडिंग
डॉ. सचान ने बताया कि स्क्वाफ के तहत विद्यालयों का ढांचागत विकास, शिक्षक-कर्मचारियों की स्थिति, पढ़ाई की गुणवत्ता, आवश्यक संसाधन समेत पांच पैरामीटर होंगे। इससें सब पैरामीटर में क्लास रूम, बच्चों की प्रवेश स्थिति, स्मार्ट क्लास, शौचालय, मिड-डे मील यूनिट, निपुण मूल्यांकन आदि के आधार पर स्कूलों की ग्रेडिंग की जाएगी। इसके आधार पर आगे स्कूलों की व्यवस्था में आवश्यक सुधार किया जाएगा।
स्क्वाफ लागू करने वाला पहला राज्य हो सकता है यूपी
यूपी स्क्वाफ को लागू करने वाला पहला प्रदेश हो सकता है। यह व्यवस्था अभी किसी प्रदेश में लागू नहीं है। यूपी के साथ ही गुजरात व असम सरकार ने भी इस दिशा में प्रयास शुरू किए हैं। प्रदेश में इसे नए सत्र 2026-27 से पहले प्रभावी बनाने की तैयारी है।
बैगलेस डे किया गया है लागू
प्रदेश में एनईपी के ही तहत इस साल से स्कूलों में बच्चों के लिए बैगलेस डे की व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत महीने के आखिरी शनिवार को बच्चे बिना बैग के स्कूल आएंगे। इस दिन उन्हें गतिविधियों के माध्यम से पढ़ाई व खेलकूद के जरिये व्यावहारिक ज्ञान दिया जाएगा। इस सत्र में इसे दस दिन के लिए लागू किया गया है।