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यूपी: सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह बोले- मुख्य सचिव का आदेश नहीं मान रहे डीएम, नेता सदन आप ही करें ठीक

Fri, 20 Feb 2026 08:55 PM IST
आकाश द्विवेदी अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

विधान परिषद में विरासत के शस्त्र लाइसेंस में देरी पर सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंहने नाराजगी जताई और कहा कि मुख्य सचिव का आदेश भी डीएम नहीं मान रहे। नेता सदन ने समयबद्ध निस्तारण का आश्वासन दिया, साथ ही मिर्जापुर डीआईओएस पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
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विधानसभा सदन - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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विधान परिषद में शुक्रवार को विरासत वाले शस्त्र लाइसेंस की मंजूरी में देरी का मुद्दा जोर-शोर से उठा। भाजपा के ही सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह ने प्रश्न प्रहर में यह मुद्दा उठाया। साथ ही कहा कि इस संबंध में शासनादेश का पालन नहीं किया जा रहा है। इस पर सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने व्यवस्था देते हुए कहा कि मुख्य सचिव का आदेश भी डीएम नहीं मान रहे हैं, नेता सदन (केशव प्रसाद मौर्य) इन्हें आप ही ठीक कर सकते हैं। साथ ही यह भी निर्देश दिए कि विरासत के लाइसेंस के मामले में 15 दिन के भीतर डीएम उचित निर्णय लें।

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देवेंद्र प्रताप सिंह ने प्रश्न प्रहर में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि चित्रकूट मंडल में लंबे समय से लाइसेंस की मंजूरी अटकी हुई थी। जब प्रश्न लगाया गया तो मंजूरी दी गई। सपा के सदस्य मो. जासमीर अंसारी ने कहा कि यह लाइसेंस भी दो-दो साल तक लटके रहते हैं। 

नेता सदन और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सभी 75 जिलों में इस तरह के लाइसेंस का समयबद्ध निस्तारण होना चाहिए। विरासत के मामलों से शस्त्र लाइसेंस की संख्या नहीं बढ़ती है, इसलिए इन्हें देने में कोई दिक्कत भी नहीं है। सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने कहा कि चित्रकूट के मामलों में विलंब पर संबंधित अधिकारियों का स्पष्टीकरण लिया जाना चाहिए।
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तथ्यों से परे रिपोर्ट देने वाले मिर्जापुर के डीआईओएस पर होगी कार्रवाई

विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने भ्रष्टाचार के मामले में तथ्यों से परे रिपोर्ट देने वाले मिर्जापुर के डीआईओएस के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने सदन में स्वीकार किया कि डीआईओएस ने तथ्यों से परे रिपोर्ट दी। उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है, जिसके बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला भाजपा के ही देवेंद्र प्रताप सिंह ने उठाया था। उन्होंने कहा कि माध्यमिक शिक्षा विभाग आकंठ भ्रष्टाचार में डूबा है। डीआईओएस बिना रिश्वत लिए कोई काम नहीं करते हैं। अब वे मुख्य सचिव और अपर मुख्य सचिव, माध्यमिक शिक्षा से भिक्षा मांगकर रिश्वत का इंतजाम करेंगे। पीठ ने मामले की जांच शासन के अधिकारी से कराने के निर्देश दिए। माध्यमिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि अति शीघ्र कार्रवाई पूरी की जाएगी।
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केशव बोले- क्षेत्र पंचायतों के पुनर्गठन पर किया जाएगा विचार 

विधान परिषद में नेता सदन और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि कई क्षेत्र पंचायतों (ब्लॉकों) में 100-200 तक ग्राम पंचायतें हैं। क्षेत्र पंचायतों के पुनर्गठन के लिए रिपोर्ट मंगाई जाएगी। शिक्षक दल के सदस्य ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने यह मुद्दा सदन में उठाया था। उन्होंने कहा कि सिद्धार्थनगर में स्थित क्षेत्र पंचायत खेसरहा में 99 ग्राम पंचायतें हैं। ब्लॉक मुख्यालय तक आने के लिए ग्रामीणों को 20-22 किमी तक की दूरी तय करनी पड़ती है। इतनी अधिक ग्राम पंचायतों वाले ब्लॉकों का पुनर्गठन होना चाहिए।
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