बसपा अध्यक्ष मायावती ने सपा के दलित प्रेम पर पलटवार किया है। उन्होंने रविवार को जारी अपने बयान में कहा कि कांग्रेस, भाजपा आदि की तरह सपा भी बहुजनों, खासकर दलितों को इनका सांविधानिक हक देकर इनका वास्तविक हित नहीं चाहती है। दलितों का कल्याण व उत्थान करना तो दूर, उनकी गरीबी, जातिवादी शोषण व अन्याय-अत्याचार आदि खत्म करने के प्रति कोई सहानुभूति या इच्छाशक्ति भी नहीं है। इसी वजह से दलित मुख्यधारा से कोसों दूर हैं। बसपा सुप्रीमो ने आगे कहा कि सपा द्वारा बसपा से विश्वासघात, उसके नेतृत्व पर 2 जून को जानलेवा हमला, प्रमोशन में आरक्षण का बिल संसद में फाड़ना, इनके संतों, गुरुओं व महापुरुषों के सम्मान में बनाए गए नये जिले, पार्क, शिक्षण व मेडिकल कालेजों का नाम बदलना आदि ऐसे घोर जातिवादी कृत्य हैं, जिसको माफ करना असंभव है।