सार
लखनऊ में सौर ऊर्जा का लाभ तेजी से उपभोक्ताओं को मिल रहा है। मई और जून में 46,914 उपभोक्ताओं का बिजली बिल खपत से अधिक उत्पादन के कारण निगेटिव आया। इनमें 23,277 उपभोक्ताओं का बिल शून्य रहा। पीएम सूर्यघर योजना के तहत लखनऊ सोलर पैनल लगाने में प्रदेश में सबसे आगे है।
सूर्यदेव हुए मेहरबान तो बरसी लक्ष्मी
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खदरा निवासी आमिर का हर महीने करीब दो हजार रुपये तक का आने वाला बिजली का बिल इस माह निगेटिव हो गया। उनके घर पर लगे सोलर पैनल की बदौलत यह मुमकिन हुआ। इसने इतनी बिजली का उत्पादन किया कि अब विद्युत निगम के पास उनकी अतिरिक्त यूनिट जमा हो गई। सूर्यदेव की मेहरबानी से शहर के 46 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं के घर लक्ष्मी बरसी है। इनमें से 23 हजार से अधिक का बिजली बिल शून्य हो गया है।
पीएम सूर्यघर योजना से सोलर पैनल लगाने में लखनऊ प्रदेश में अव्वल है। यहां सवा लाख से अधिक सोलर उपभोक्ता हैं। रोजाना करीब 500 सोलर प्लांट लगाए जा रहे हैं। सूरज से बनी बिजली से उपभोक्ताओं का घर रोशन होने के साथ उनके बजट का गणित भी सुधर गया है।
मई में मध्य, जानकीपुरम, गोमतीनगर और अमौसी जोन के 24,795 और जून में तीन जोन के 22,119 को मिलाकर कुल 46,914 उपभोक्ताओं का नेट बिल निगेटिव (खपत से ज्यादा उत्पादन) आया है। इन उपभोक्ताओं का बची यूनिट बिजली निगम के पास जमा है।
नेडा कार्यालय के अनुसार मई व जून में शहर के करीब 23,277 पीएम सूर्यघर योजना के उपभोक्ताओं का नेट बिल जीरो आया है। चार हजार उपभोक्ताओं का बिजली बिल एक से 100 रुपये तक है। 100 से 500 रुपये तक का बिल पाने वाले उपभोक्ताओं की संख्या 20 हजार से ज्यादा है।
थामी बिजली बिल की रफ्तार
अलीगंज के अजय कुमार की भारी बिजली बिल की समस्या का समाधान सोलर पैनल से हो गया। जुलाई के बिल में उनकी देय रकम करीब एक हजार रुपये निगेटिव में है। पिछले माह भी बिल निगेटिव में था। इसी तरह हसीन जहां का बिल घटकर पांच सौ रुपये के करीब आ गया है। वहीं, टीकाराम के पीओ नेडा ने बताया कि राजधानी में अगस्त में अब तक 4221 सोलर पैनल लग चुके हैं। सोलर लगाने में लखनऊ यूपी में पहले स्थान पर है।