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यूपी: श्रद्धा को नहीं मिली जमानत, घटना को रिक्रिएट करेगी पुलिस; जेल में जमीन पर बैठ पूरी रात करती रही बात

Fri, 23 Oct 2026 08:43 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

Shraddha Dubey: श्रद्धा की बहन रश्मि ने बयान में पुलिस को बताया कि उसका एक फोन नेपाल में कहीं गिर गया था। वहीं, श्रद्धा का भी एक फोन अभी बरामद नहीं हो सका है।
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श्रद्धा को नहीं मिली जमानत। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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शिवा हत्याकांड की आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश की जमानत अर्जी को प्रभारी सीजेएम आलोक वर्मा ने शुक्रवार को खारिज कर दिया। शिवा की हत्या हुई या उन्होंने आत्महत्या की, इसका पता करने के लिए पुलिस फोरेंसिक टीम की मदद से घटना का रिक्रिएशन करेगी। इसके लिए टीम तैयार कर ली गई है।

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उधर, कोर्ट में शुक्रवार को तीनों आरोपियों को जमानत देने की मांग वाली अर्जी दी गई। अर्जी में कहा गया कि तीनों आरोपी पूर्णतया निर्दोष हैं और उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है, बल्कि उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है। कोर्ट में आरोपियों की ओर से अलग-अलग दी गई जमानत अर्जियों पर कहा गया कि उन्हें इस मामले में पुलिस ने फर्जी तरीके से गिरफ्तार कर 22 अक्तूबर को कोर्ट में पेश किया। 

कोर्ट ने तीनों आरोपियों को 31 अक्तूबर तक के लिए जेल भेज दिया था। वहीं, अभियोजन की ओर से जमानत का विरोध करते हुए कहा गया कि आरोपी लगातार पुलिस की पकड़ से फरार चल रहे थे। तीनों को नागपुर में महाराष्ट्र पुलिस एवं एसटीएफ टीम ने गिरफ्तार किया था। आरोपियों को ट्रांजिट डिमांड पर लखनऊ की सीजेएम कोर्ट में 22 अक्तूबर की देर शाम पेश किया गया था, जहां से कोर्ट ने आरोपियों को 31 अक्तूबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। कोर्ट ने सभी आरोपियों की जमानत अर्जी को खारिज करते हुए कहा है कि अपराध गंभीर प्रकृति का है। लिहाजा, जमानत का कोई उचित आधार नहीं बनता है।

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आरोपियों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर ले सकती है पुलिस

श्रद्धा दुबे - फोटो : इंस्ट्राग्राम।
श्रद्धा के पास से महज दो फोन बरामद हुए हैं। श्रद्धा की बहन रश्मि ने बयान में पुलिस को बताया कि उसका एक फोन नेपाल में कहीं गिर गया था। वहीं, श्रद्धा का भी एक फोन अभी बरामद नहीं हो सका है। माना जा रहा है कि घटना के रिक्रिएशन और आरोपियों के फोन बरामदगी के लिए पुलिस तीनों को कस्टडी रिमांड पर लेगी। श्रद्धा का फोन मिलने के बाद उसके मददगारों का पता चल सकेगा।

हिरासत में तीन संदिग्धों से पूछताछ
पुलिस ने आरोपियों की मदद करने वाले तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है। तीनों से पूछताछ की जा रही है। आरोपियों ने श्रद्धा को मदद पहुंचाई थी। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के नाम एफआईआर में बढ़ाए जाएंगे। पुलिस श्रद्धा के प्रेमी आमिर की भी तलाश में दबिश दे रही है। आमिर लगातार श्रद्धा के संपर्क में था लेकिन उसने पुलिस को इसकी जानकारी नहीं दी थी।

ड्राइवर के फोन का कर रही थी इस्तेमाल
पूछताछ में श्रद्धा ने बताया कि नेपाल सीमा तक उसका दूसरा ड्राइवर आमिर उसे छोड़ने गया था। श्रद्धा ने तब आमिर का मोबाइल फोन उससे ले लिया था। वह आमिर के फोन का ही इस्तेमाल कर रही थी ताकि उसे पुलिस पकड़ न सके। पुलिस बिना आईडी के होटल मुहैया कराने वाले लोगों के बारे में भी पता लगा रही है। माना जा रहा है कि होटल प्रबंधन के खिलाफ भी पुलिस नोटिस जारी करेगी।

पैसे मुहैया कराने वाले थे करीबी
श्रद्धा ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उसे पास महज 25 रुपये बचे थे। ऐसे में उसने अपने करीबियों से संपर्क किया था। करीबी उसे पैसे उपलब्ध कराने वाले थे। इससे पहले कि उसके पास रकम पहुंचती पुलिस ने श्रद्धा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब श्रद्धा को रुपये मुहैया कराने वाले लोगों के बारे में भी पता लगा रही है। उल्लेखनीय है कि नौ अक्तूबर को श्रद्धा के फ्लैट के चौथे तल से संदिग्ध हालात में गिरकर चिकन कारोबारी शिवा शर्मा की मौत हो गई थी। इस मामले में शिवा की मां रंजना ने हत्या की एफआईआर दर्ज कराई थी।
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जेल की पहली रात करवटों में कटी, मच्छरों ने उड़ाई नींद

श्रद्धा की पहली रात ऐसे कटी। - फोटो : अमर उजाला
 शिवा हत्याकांड की मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे और उसकी बहन रश्मि दुबे की जिला जेल में पहली रात करवटें बदलते बीती। जेल की बैरक में फर्श पर बिस्तर बिछाकर सोने वाली दोनों बहनों को मच्छरों और नए माहौल के बीच ठीक से नींद नहीं आई। बृहस्पतिवार रात में भोजन के बाद दोनों कई घंटे बैठकर बातें करती रहीं। देर रात अपने-अपने बिस्तर पर लेटीं लेकिन रात बेचैनी में गुजरी।

जेल पहुंचने के बाद भी श्रद्धा के तेवर में कोई खास बदलाव नजर नहीं आया। तलाशी और पूछताछ के दौरान वह आत्मविश्वास के साथ खड़ी रही। जेल अधिकारियों के सामने भी उसके हावभाव में हिचकिचाहट नहीं दिखी। शुरुआती औपचारिकताओं के दौरान उसका बेबाक अंदाज चर्चा में रहा। शुक्रवार सुबह दोनों बहनों ने नाश्ते में दलिया और चाय ली। जेल प्रशासन उनकी गतिविधियों पर नजर रख रहा है।

चालक भी रातभर रहा बेचैन
श्रद्धा का चालक तनवीर उर्फ दानिश भी जेल में पहली रात बेचैन रहा। हल्का भोजन करने के बाद वह लेट गया लेकिन देर रात तक उसे नींद नहीं आई। जेलकर्मी तीनों बंदियों की निगरानी में मुस्तैद रहे।

10 दिन मुलाहिजा बैरक में रहेंगी बहनें
वरिष्ठ जेल अधीक्षक राजेंद्र जायसवाल ने बताया कि श्रद्धा और रश्मि को महिला सर्किल की मुलाहिजा बैरक में रखा गया है। जेल मैनुअल के अनुसार, दोनों बहनें 10 दिन तक इसी बैरक में रहेंगी। इसके बाद उन्हें महिला सर्किल की दूसरी बैरक में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। इस दौरान उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

जेल में मिला सादा भोजन
बृहस्पतिवार रात जेल पहुंचने पर श्रद्धा और रश्मि को आलू-लौकी की सब्जी और उड़द की दाल दी गई। शुक्रवार दोपहर के भोजन में रोटी, चावल, उड़द-राजमा की दाल और आलू-सोयाबीन की सब्जी परोसी गई।
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