चकबंदी आयुक्त हृषिकेश भास्कर यशोद ने सोमवार को 12 जिलों के 14 गांवों में चकबंदी प्रक्रिया पूरा करने का आदेश दिया। यह स्वीकृति उप्र जोत चकबंदी अधिनियम की धारा 52 (1) के तहत दी गई। इसमें कन्नौज, बिजनौर, सहारनपुर, प्रयागराज, प्रतापगढ़, सीतापुर, सिद्धार्थनगर, देवरिया, बरेली, गोरखपुर, सुल्तानपुर और मुरादाबाद के प्रस्ताव पेश किए गए थे। इन सभी प्रस्तावों को चकबंदी आयुक्त ने जारी कर दिया। इन 14 गांवों में से कुछ में तो चकबंदी लंबे समय से लंबित थी।
कन्नौज का गांव अकबरपुर 45 वर्षों से प्रक्रियाधीन था। बिजनौर का कस्बा झालू 37 वर्षों से लंबित था। सहारनपुर का डालामजरा भी 37 वर्षों से चल रहा था। प्रयागराज का राजेपुर मय सराय अरजानी 34 वर्षों से चकबंदी प्रक्रिया में था। चकबंदी आयुक्त ने जिलास्तरीय अधिकारियों को लंबित प्रकरण वाले गांवों में अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। इसका उद्देश्य चकबंदी प्रक्रिया को जल्द से जल्द समाप्त करना था। विभिन्न जिलों में चौपाल लगाकर लोगों की समस्याओं का समाधान किया गया।