परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की डिजिटल हाजिरी को लेकर जिला स्तर पर रुचि नहीं ली जा रही है। इससे सिर्फ 30 फीसदी बच्चों की ही डिजिटल हाजिरी लग रही है। गोंडा, उन्नाव, महराजगंज में तो एक फीसदी भी बच्चों की हाजिरी नहीं लग रही है। इसे लेकर विभाग ने नाराजगी जताई है। विभाग ने इसे लेकर सख्ती का निर्णय किया है। साथ ही सभी जिलों को सुधार करने के निर्देश दिए हैं।
विभाग ने 16 दिसंबर का जिलेवार बच्चों की उपस्थिति का डाटा जारी किया है। इसके अनुसार प्रदेश में 132829 स्कूलों में 12952172 छात्र नामांकित हैं। इसमें से सिर्फ 38142 विद्यालयों का ही उपस्थिति डाटा मिल रहा है। इसके तहत कुल 3871561 (30 फीसदी) छात्रों की उपस्थिति लग रही है। गोंडा में मात्र 0.64 फीसदी, उन्नाव में 0.66 फीसदी व महराजगंज में 0.62 फीसदी ही छात्रों की उपस्थिति लगी है।
महोबा में मात्र 1.48 फीसदी, बदायूं में 3.54 फीसदी, देवरिया में 4.16 फीसदी, बहराइच में 4.06 फीसदी, बलरामपुर में 4.94 फीसदी, बिजनौर में 5.99 फीसदी, मुरादाबाद में 5.97 फीसदी, कानपुर देहात में 825 फीसदी, कुशीनगर में 8.38 फीसदी, गाजीपुर में 9.07 फीसदी, पीलीभीत में 9.22 फीसदी, आजमगढ़ में 9.49 फीसदी ही उपस्थिति लग रही है।
कौशांबी की स्थिति सबसे बेहतर
कौशांबी में सर्वाधिक 98.09 फीसदी छात्रों की डिजिटल हाजिरी लग रही है। ऐसे ही प्रयागराज में 86.34 फीसदी, बागपत में 74.50 फीसदी, बुलंदशहर में 73.34 फीसदी, अलीगढ़ में 67.58 फीसदी, भदोही में 69.22 फीसदी, हापुड़ में 65.74 फीसदी, कन्नौज 63.80 फीसदी, मिर्जापुर में 63.62 फीसदी, सीतापुर में 65.32 फीसदी और शामली में 64.84 फीसदी उपस्थिति लग रही है।