इसके अलावा 25 वर्षों से चतुर्थ वेतनमान पा रही दो सहकारी गन्ना समितियों को पंचम वेतनमान में और 15 सालों से पांचवां वेतनमान पा रहे तीन सहकारी गन्ना समितियों के कर्मचारियों को छठवां वेतनमान देने की स्वीकृति दी गई है।
प्रदेश के सहकारी गन्ना समितियों से जुड़े लगभग तीन हजार कर्मचारियों को नए साल का तोहफा मिला है। 34 सहकारी गन्ना समितियों के कर्मचारियों के लिए सातवां वेतनमान मंजूर कर दिया गया है। इसके साथ ही पांच क्षेत्रीय गन्ना सेवा प्राधिकरणों और तीन जिला गन्ना सेवा प्राधिकरणों में भी सातवां वेतनमान लागू होगा।
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गौरतलब है कि सहकारी गन्ना समितियों के कर्मचारी लगातार वेतन वृद्धि की मांग कर रहे थे। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ये निर्देश दिए हैं। निबंधक सहकारी गन्ना समितियां संजय आर भूसरेड्डी के मुताबिक इसी कड़ी में 34 सहकारी गन्ना समितियों में लागू छठे वेतनमान को उच्चीकृत करते हुए सातवां वेतनमान लागू किया गया है। यही प्रक्रिया पांच क्षेत्रीय गन्ना सेवा प्रधिकरणों और तीन जिला गन्ना सेवा प्राधिकरणों को भी अपनाई गई है।
इसके अलावा 25 वर्षों से चतुर्थ वेतनमान पा रही दो सहकारी गन्ना समितियों को पंचम वेतनमान में और 15 सालों से पांचवां वेतनमान पा रहे तीन सहकारी गन्ना समितियों के कर्मचारियों को छठवां वेतनमान देने की स्वीकृति दी गई है। इससे पूर्व 43 सहकारी गन्ना समितियों को सातवां वेतनमान प्रदान कर दिया गया था। अब प्रदेश की 77 सहकारी गन्ना विकास समितियों में सातवां वेतनमान लागू हो गया है। प्रदेश में कुल 169 गन्ना विकास समितियां हैं और लाभ के आधार पर इनके कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि की जा रही है।