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यूपीआईटीएस-2026: एआई-सेमीकंडक्टर से क्लीन एनर्जी तक, निवेश का नया ठिकाना बनेगा यूपी

Sat, 26 Sep 2026 11:18 PM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ/ग्रेटर नोएडा

सार

यूपीआईटीएस-2026: एआई-सेमीकंडक्टर से क्लीन एनर्जी तक यूपी निवेश का नया ठिकाना बनेगा। नवीकरणीय ऊर्जा में 8-10 गीगावाट परियोजनाओं की पाइपलाइन, नोएडा से आगे लखनऊ-कानपुर तक टेक निवेश पहुंचाने की तैयारी है। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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यूपीआईटीएस-2026 में युवा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश अब इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग से आगे बढ़कर एआई, सेमीकंडक्टर, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी), स्वच्छ ऊर्जा, ईवी-ऑटोमोबाइल और टेक्सटाइल के क्षेत्र में निवेश का नया आधार तैयार कर रहा है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 के दूसरे दिन इन्वेस्ट यूपी के समन्वय में हुए सेक्टोरल सत्रों में निवेश की संभावनाओं, बुनियादी ढांचे और नीतिगत सहयोग पर उद्योग जगत के साथ मंथन हुआ।

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यूपी का इलेक्ट्रॉनिक्स लीडर से एआई एवं सेमीकंडक्टर पावरहाउस तक सफर सत्र में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि नीतिगत स्थिरता, मजबूत बुनियादी ढांचा और केंद्र-राज्य समन्वय प्रदेश को प्रमुख टेक्नोलॉजी व मैन्युफैक्चरिंग हब बना सकते हैं। उन्होंने तकनीकी निवेश को नोएडा तक सीमित न रखकर प्रदेश के दूसरे हिस्सों तक पहुंचाने पर जोर दिया, ताकि स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल सके।

वैल्यू चेन विकसित करने पर जोर

उन्होंने सैमसंग और योट्टा के निवेश, डाटा सेंटर और एआई लैब समेत अन्य तकनीकी ढांचे को प्रदेश में विकसित हो रहे टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम का संकेत बताया। उत्पाद डिजाइन व सेमीकंडक्टर कंपोनेंट से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और निर्यात तक पूरी वैल्यू चेन विकसित करने पर जोर दिया।

प्रमुख सचिव आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स आलोक कुमार ने बताया कि मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग के साथ जीसीसी इकोसिस्टम भी मजबूत किया जा रहा है। नोएडा के अलावा लखनऊ व कानपुर में जीसीसी आकर्षित करने के प्रयास हैं। लखनऊ में आईबीएम समेत कई कंपनियां मौजूद हैं। आईटी व आईटीईएस को उद्योग का दर्जा मिलने से निवेश का आधार मजबूत हुआ है।

एनर्जी फ्यूचर

ग्रिड ट्रांसफॉर्मेशन फॉर इंडिया के 2030 क्लीन एनर्जी गोल्स सत्र में प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा के 8-10 गीगावाट क्षमता वाले प्रोजेक्ट की पाइपलाइन सामने आई। ऊर्जा भंडारण, ग्रीन हाइड्रोजन, क्लीन मैन्युफैक्चरिंग और ट्रांसमिशन इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश अवसरों पर भी चर्चा हुई।

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सत्र का नेतृत्व इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरण आनंद ने किया। अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रेरणा शर्मा, यूपीसीडा की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी दीक्षा जैन समेत अवाडा ग्रुप, एम्पिन एनर्जी ट्रांजिशन, एनयूजीईएल, एनटीपीसी ग्रीन, डालमिया शुगर, इंटीग्रेटेड बैटरीज इंडिया, रिलायंस इंडस्ट्रीज और लूम सोलर के प्रतिनिधि शामिल हुए। वित्तीय मॉडल, एमएसएमई की भागीदारी, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम और क्लीन एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग पर विशेष चर्चा हुई।

ऑटो सेक्टर में ईवी और कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग पर जोर

ऑटोमोबाइल सत्र में ऑटो कंपोनेंट, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ईवी इन्फ्रास्ट्रक्चर, सप्लाई चेन और समर्पित ऑटोमोटिव क्लस्टर पर मंथन हुआ। यूनो मिंडा, आरएसीएल गियरटेक, मैक्सवोल्ट एनर्जी, सीएनएच इंडिया और पॉलीहोस इंडिया के प्रतिनिधि शामिल हुए। 

वहीं, टेक्सटाइल-अपैरल राउंडटेबल में उद्योग विस्तार, निवेश, नीतिगत सहयोग और औद्योगिक ढांचे पर चर्चा हुई। उद्योग आयुक्त एवं निदेशक उद्योग तथा हथकरघा एवं टेक्सटाइल्स के. विजयेंद्र पांडियन समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। पीएसयू राउंडटेबल में ऊर्जा संक्रमण, हरित विकास और औद्योगिक विकास में निवेश अवसरों पर चर्चा हुई। 

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