उत्तर प्रदेश अब इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग से आगे बढ़कर एआई, सेमीकंडक्टर, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी), स्वच्छ ऊर्जा, ईवी-ऑटोमोबाइल और टेक्सटाइल के क्षेत्र में निवेश का नया आधार तैयार कर रहा है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 के दूसरे दिन इन्वेस्ट यूपी के समन्वय में हुए सेक्टोरल सत्रों में निवेश की संभावनाओं, बुनियादी ढांचे और नीतिगत सहयोग पर उद्योग जगत के साथ मंथन हुआ।
उन्होंने सैमसंग और योट्टा के निवेश, डाटा सेंटर और एआई लैब समेत अन्य तकनीकी ढांचे को प्रदेश में विकसित हो रहे टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम का संकेत बताया। उत्पाद डिजाइन व सेमीकंडक्टर कंपोनेंट से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और निर्यात तक पूरी वैल्यू चेन विकसित करने पर जोर दिया।
प्रमुख सचिव आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स आलोक कुमार ने बताया कि मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग के साथ जीसीसी इकोसिस्टम भी मजबूत किया जा रहा है। नोएडा के अलावा लखनऊ व कानपुर में जीसीसी आकर्षित करने के प्रयास हैं। लखनऊ में आईबीएम समेत कई कंपनियां मौजूद हैं। आईटी व आईटीईएस को उद्योग का दर्जा मिलने से निवेश का आधार मजबूत हुआ है।
ग्रिड ट्रांसफॉर्मेशन फॉर इंडिया के 2030 क्लीन एनर्जी गोल्स सत्र में प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा के 8-10 गीगावाट क्षमता वाले प्रोजेक्ट की पाइपलाइन सामने आई। ऊर्जा भंडारण, ग्रीन हाइड्रोजन, क्लीन मैन्युफैक्चरिंग और ट्रांसमिशन इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश अवसरों पर भी चर्चा हुई।
ऑटोमोबाइल सत्र में ऑटो कंपोनेंट, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ईवी इन्फ्रास्ट्रक्चर, सप्लाई चेन और समर्पित ऑटोमोटिव क्लस्टर पर मंथन हुआ। यूनो मिंडा, आरएसीएल गियरटेक, मैक्सवोल्ट एनर्जी, सीएनएच इंडिया और पॉलीहोस इंडिया के प्रतिनिधि शामिल हुए।
वहीं, टेक्सटाइल-अपैरल राउंडटेबल में उद्योग विस्तार, निवेश, नीतिगत सहयोग और औद्योगिक ढांचे पर चर्चा हुई। उद्योग आयुक्त एवं निदेशक उद्योग तथा हथकरघा एवं टेक्सटाइल्स के. विजयेंद्र पांडियन समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। पीएसयू राउंडटेबल में ऊर्जा संक्रमण, हरित विकास और औद्योगिक विकास में निवेश अवसरों पर चर्चा हुई।