फर्जी कोर्ट से जारी वारंट भेजा
पीड़ित ने बताया कि ठगों ने उन्हें फर्जी हाईकोर्ट से जारी हुआ गिरफ्तारी वारंट और संपत्ति जब्त करने के आदेश संबंधी दस्तावेज भी भेज दिए। आरोपियों ने दबाव बनाने के लिए उनसे पूछताछ की मांग की और कॉल काट ली। पीड़ित का कहना है कि कुछ बाद उनके पास वीडियो कॉल आई।
आरोपियों ने उन्होंने डिजिटल अरेस्ट कर लिया। आरोपी उन्हें मानसिक रूप से परेशान करने के लिए उल्टे-सीधे सवाल पूछने लगे। यह खेल अगले दिन दोपहर दो बजे तक चला। इसके बाद आरबीआई में रुपयों की जांच के नाम पर उनसे उनके खाते में जमा नकदी मांगी। घबराए पीड़ित ने ठगों की बात मान ली और अपने खाते में पड़े नौ लाख उन्हें ट्रांसफर कर दिए।
रकम ऐंठने पर भी ठग बना रहे दबाव
पीड़ित का कहना है कि आरोपियों जांच के नाम जो रकम ली थी वह नहीं लौटाई।आरोपी उन पर अभी भी जमानत के लिए सरकारी वकील करने और उसकी फीस के तीन लाख रुपये देने का दबाव बना रहे हैं। इतनी बड़ी पूंजी गंवाने पर वीरेंद्र काफी डर गए। कुछ दिन बाद बृहस्पतिवार को हिम्मत दिखाते हुए उन्होंने साइबर क्राइम थाने मं शिकायत की। इंस्पेक्टर आलोक राय ने बताया कि मामले की तफ्तीश की जा रही है।पीड़ित की रकम फ्रीज कराने के लिए बैंक से संपर्क किया जा रहा है।