प्रदेश में जल जीवन मिशन को गति देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने बड़ा बजट तय किया है। करीब 28 हजार करोड़ रुपये से ग्रामीण इलाकों के अधूरे पेयजल कार्य पूरे होंगे। दिसंबर 2028 तक हर ग्रामीण परिवार को नल से स्वच्छ पानी पहुंचाने का लक्ष्य है।
अब तक 2.43 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं। केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के लिए 13,425 करोड़ रुपये से अधिक का बजट जारी किया है। प्रदेश सरकार वर्ष 2026-27 में ग्रामीण जलापूर्ति विभाग को करीब 15 हजार करोड़ रुपये देगी। सरकार का लक्ष्य 2.62 करोड़ ग्रामीण परिवारों तक नल कनेक्शन पहुंचाना है। प्रदेश सरकार और केंद्रीय पेयजल व स्वच्छता विभाग के बीच समझौता हो चुका है। यह समझौता जल जीवन मिशन 2.0 के लिए हुआ है। इसके तहत योजना की समय सीमा दिसंबर 2028 तक बढ़ाई गई है।
नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के विशेष सचिव व कार्यकारी निदेशक प्रभास कुमार ने जानकारी दी। मिशन 2.0 में जल गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विंध्य और बुंदेलखंड में पानी की जांच कर उसे पीने योग्य बनाया जा रहा है। गांवों के पंप हाउस और पानी की टंकियां ग्राम एवं पेयजल स्वच्छता समितियों को सौंपी जाएंगी। जल स्रोतों के संरक्षण पर भी जोर रहेगा।