बिजली कंपनियों की खराब माली हालत सुधारने के लिए राज्य सरकार ने फिर केंद्र से मदद की गुहार लगाई है। राज्य सरकार चाहती है कि बिजली कंपनियों के वित्तीय पुनर्गठन के साथ ही बैंकों व केंद्रीय वित्तीय संस्थाओं से लिए कर्ज पर मौजूदा ब्याज दरों में कमी कर दी जाए।
मुख्य सचिव आलोक रंजन ने शासन के आला अधिकारियों के साथ शनिवार को दिल्ली में केंद्रीय बिजली राज्यमंत्री पीयूष गोयल से इस सिलसिले में मुलाकात की।
प्रदेश की बिजली कंपनियों को हर साल लगभग 10,000 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है। बिजली कंपनियों पर कुल मिलाकर लगभग 41,000 करोड़ रुपये का कर्ज है। हर साल होने वाले घाटे में लगभग 5400 करोड़ रुपये ब्याज का शामिल होता है।