उन्होंने बताया कि पुलिस अधिकारियों से लेकर थाना प्रभारियों तक के मोबाइल नंबर, यातायात डाइवर्जन स्कीम एवं अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएं बारकोड के जरिये अखबारों में विज्ञापन, होर्डिंग, सोशल मीडिया आदि के जरिए श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जाएगी। सभी यात्रा मार्गों की सीसीटीवी, ड्रोन एवं टीथर्ड ड्रोन से निगरानी होगी, जिससे प्राप्त वीडियो लिंक की मुख्यालय स्तर से रियल टाइम मॉनीटरिंग होगी।
डीजीपी मुख्यालय के सोशल मीडिया सेंटर और कंट्रोल रूम में 8-8 सदस्यीय टीम गठित की गई है, जो भ्रामक खबरों का खंडन करने के साथ अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। इसके अलावा उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली एवं राजस्थान के साथ समन्वय के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बना है, जिस पर रियल-टाइम सूचनाओं का आदान-प्रदान, मार्गों की स्थिति, सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण आदि सूचनाएं तत्काल साझा की जाएंगी। विभिन्न राजमार्गों को सामान्य यातायात के लिए कुछ दिनों तक प्रतिबंधित किया गया है। विभिन्न राजमार्गो, टोल बैरियर पर यात्रा के मूवमेंट की योजना बनाकर बायीं तरफ से ही कांवड़ियों को भेजने तथा भंडारे, शिविर को सड़क से 20 फिट की दूरी पर बायीं ओर ही संचालन की अनुमति दी गई है।