इस बार शैक्षिक सत्र अभी 16 जून से शुरू हो रहा है। ऐसे में जिन शिक्षा मित्रों व अनुदेशकों की सेवाएं जुलाई से शुरू होनी हैं, वह अभी कैसे पढ़ाएंगे? क्या उन्हें इस अवधि का मानदेय मिलेगा? या फिर उन्हें बिना मानदेय ही पढ़ाना होगा? इसको लेकर सवाल बना हुआ है।
परिषदीय स्कूलों में अध्यापन करने वाले शिक्षा मित्रों व अनुदेशकों का अनुबंध 11 महीने का होता है। यानी जुलाई से मई तक उनकी सेवाएं रहती हैं और मानदेय मिलता है। बाकी जून में उनकी सेवाएं नहीं रहतीं। वहीं इस बार शैक्षिक सत्र अभी 16 जून से शुरू हो रहा है। ऐसे में जिन शिक्षा मित्रों व अनुदेशकों की सेवाएं जुलाई से शुरू होनी हैं, वह अभी कैसे पढ़ाएंगे? क्या उन्हें इस अवधि का मानदेय मिलेगा? या फिर उन्हें बिना मानदेय ही पढ़ाना होगा? इसको लेकर सवाल बना हुआ है।
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अनौपचारिक तौर पर शिक्षा मित्रों व अनुदेशकों को विद्यालय खुलने पर आने के लिए तो कहा जा रहा है, लेकिन मानदेय मिलेगा या नहीं? इस पर कोई उन्हें जवाब नहीं दे रहा। उप्र दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव के अनुसार स्थिति स्पष्ट न होने से संशय की स्थिति बनी हुई है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने 16 जून से स्कूल खोले जाने और शिक्षकों व विद्यार्थियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं, लेकिन शिक्षा मित्रों व अनुदेशकों को आना है कि नहीं?
इस बारे में कोई आदेश निर्गत नहीं हुआ। जिले में बेसिक शिक्षा अधिकारी अनौपचारिक रूप से शिक्षा मित्रों को विद्यालय खुलने पर आने के लिए कह रहे हैं। तर्क दिया जा रहा है कि जनवरी में 15 दिन छुट्टी हुई थी, इसलिए जून में उसका समायोजन होगा। यह तर्क नियमानुसार उचित नहीं है। शासन जब जून से विद्यालय खोल रहा है तो अल्प मानदेय पाने वाले शिक्षा मित्रों व अनुदेशकों को उस महीने का मानदेय भी देना चाहिए। साथ ही अनुबंध की अवधि भी बढ़ाई जानी चाहिए।