यूपी सरकार के मंत्री डॉ. संजय निषाद।
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निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने सपा पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि सपा को दूसरों के राजनीतिक भविष्य की चिंता करने के बजाय पहले अपना घर संभालना चाहिए। सवाल यह नहीं है कि संजय निषाद कहां जाएंगे, सवाल यह है कि सपा खुद कहां खड़ी है।
संजय निषाद ने कहा कि निषाद पार्टी को सपा की किसी बैसाखी की जरूरत नहीं है। एनडीए में निषाद पार्टी का गठबंधन बराबरी और हिस्सेदारी का है। उन्होंने कहा कि मछुआरा समाज अपने हक और सम्मान के लिए राजनीति करता है और किसी के सहारे पर निर्भर नहीं है।
उन्होंने कहा कि दूसरों के घरों पर पत्थर फेंकने से पहले सपा को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। सपा पहले कांग्रेस के साथ अपनी सीटों का बंटवारा तय करे, फिर दूसरे दलों के राजनीतिक भविष्य पर टिप्पणी करे। संजय निषाद ने कसरवल कांड का जिक्र करते हुए कहा कि निषाद समाज उस घटना में शहीद हुए लोगों का बलिदान नहीं भूला है।
हक मांगने पर गोलियां चलवाने वाले अब समाज के हितैषी बनने का ढोंग न करें। संजय निषाद ने अपने एक्स सोशल मीडिया अकाउंट से दस जुलाई 1984 की प्रकाशित एक खबर की कटिंग भी शेयर की है। जिसमें जसवंतनगर से मुलायम सिंह यादव की और और फिर हुए एनकाउंटर की खबर प्रकाशित हुई थी।
उन्होंने कहा कि मछुआरा समुदाय बराबरी की भागीदारी और स्वाभिमान की राजनीति में विश्वास रखता है। शिवपाल और रामगोपाल यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सपा नेताओं को पहले यह देखना चाहिए कि खुद उनका राजनीतिक भविष्य कहां है। संजय निषाद ने दावा किया कि सपा लगातार सिकुड़ रही है, जबकि निषाद पार्टी का जनाधार बढ़ रहा है।