लोकसभा चुनाव 2024 में स्वयंसेवकों की निष्क्रियता के असर से सचेत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) उनको फिर सक्रिय करेगा। संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने मंगलवार को राजधानी पहुंचकर प्रचारकों व अन्य पदाधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की। उन्होंने पदाधिकारियों को ऐसे स्वयंसेवकों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं, जो अब अलग-थलग हैं।
भागवत ने कहा, निष्क्रिय स्वयंसेवकों को सक्रिय करने के लिए पदाधिकारी उनके घर जाकर उनसे संवाद करें। उन्हें कार्यक्रमों में शामिल कराएं। राजधानी पहुंचे संघ प्रमुख सबसे पहले भारती भवन गए। लखीमपुर रवाना होने से पहले उन्होंने संघ के पदाधिकारियों व प्रचारकों से मुलाकात की। कहा, पहले संगठन का काम करने वाले स्वयंसेवकों से समस्या पूछकर निस्तारण कराएं।
संघ प्रमुख ने गांवों में शाखाओं के विस्तार पर भी जोर दिया। उन्होंने संघ के स्थापना के शताब्दी वर्ष पर पूरे साल चलने वाले अभियानों व कार्यक्रमों की तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा, यह संघ का शताब्दी वर्ष है। साल भर के लिए तय अभियानों को सक्रियता से चलाएं। साथ ही अवध क्षेत्र में संघ की गतिविधियों के बारे में पूछताछ की।
हर कार्यकर्ता तक पहुंचें पदाधिकारी : भागवत
डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि पदाधिकारी हर कार्यकर्ता तक पहुंचें। जनमानस में शताब्दी वर्ष के अभियानों के जरिये राष्ट्र के प्रति चेतना का माहौल बनाकर शाखाओं का विस्तार करें। गांवों में शाखाएं बढ़ाएं। शहरों में युवाओं और पेशवरों के अलग-अलग वर्गों को जोड़ें।