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यूपी: संपत्ति का ब्योरा न देने पर रोका गया 47816 कर्मचारियों का वेतन, कर्मचारी परिषद ने जताई फैसले पर आपत्ति

Thu, 05 Feb 2026 09:54 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

Human Resource Portal: मानव संपदा पोर्टल पर अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा न देने वाले 47816 कर्मचारियों का वेतन रोक दिया गया है। 
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शासन के निर्देश पर फैसला। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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 मानव संपदा पोर्टल पर चल-अचल संपत्ति का विवरण दर्ज न कराने के कारण प्रदेश के 47816 कर्मचारियों का जनवरी माह का वेतन रोक दिया गया है। इस पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने कड़ी आपत्ति जताई है। परिषद अध्यक्ष जेएन तिवारी ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर बताया कि तृतीय श्रेणी के 97 प्रतिशत और चतुर्थ श्रेणी के 94 प्रतिशत कर्मचारियों ने विवरण भर दिया है, जबकि वरिष्ठ अधिकारी अब भी पीछे हैं। परिषद ने मांग की है कि निचले स्तर के कर्मचारियों का वेतन तुरंत जारी किया जाए। पोर्टल की प्रक्रिया को सरल बनाकर तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाए ताकि सभी कर्मचारी आसानी से विवरण दर्ज कर सकें।

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माध्यमिक के 1483 कार्मिकों का रोका गया वेतन
 शासन के निर्देश के बाद भी माध्यमिक शिक्षा विभाग के 1483 कार्मिकों ने अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा निर्धारित पोर्टल पर नहीं दिया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव ने इन कार्मिकों का वेतन न जारी करते हुए अनुशासनात्मक कार्यवाही के भी निर्देश दिए हैं।



निदेशक ने कहा है कि शासन के निर्देश के बाद भी 31 जनवरी तक समूह ख के 48, समूह ग के 1189 व समूह घ के 246 कुल 1483 कार्मिकों ने मानव संपदा पोर्टल पर अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा नहीं दर्ज किया है। उन्होंने इन सभी की सूची जारी करते हुए संबंधित अधिकारियों से कहा है कि अगर इनका वेतन जारी किया गया है तो संबंधित अधिकारी का उत्तरदायित्व तय करते हुए उनके खिलाफ कार्यवाही की जाए। इसके साथ ही संपत्ति का विवरण न देने वाले कार्मिकों के खिलाफ भी सक्षम स्तर से अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए। इसकी सूचना निदेशालय को भी उपलब्ध कराई जाए।

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आजमगढ़ के डीआईओएस हटाए गए

शासन ने आजमगढ़ के डीआईओएस उपेंद्र कुमार को हटा दिया है। उनकी जगह पर श्रावस्ती के बीएसए अजय कुमार को आजमगढ़ का डीआईओएस बनाया गया है। जानकारी के अनुसार आजमगढ़ के डीआईओएस पर गंभीर आरोप लगे थे। इसे लेकर उनके कार्यालय में हंगामा भी हुआ था।

माध्यमिक शिक्षा विभाग के सचिव चंद्रभूषण सिंह की ओर से जारी आदेश के अनुसार उपेंद्र कुमार को सहायक शिक्षा निदेशक (भवन) मुख्यालय प्रयागराज भेजा गया है। उन्होंने कड़े निर्देश दिए हैं कि यह अधिकारी बिना नई तैनाती के तुरंत कार्यभार ग्रहण करेंगे। इतना ही नहीं उन्होंने बेसिक, माध्यमिक व एससीईआरटी के निदेशक को निर्देश दिया है कि वे इन्हें तुरंत कार्यमुक्त करेंगे। समय से कार्यमुक्त न करना अनुशासनहीनता मानी जाएगी। ऐसे कार्मिक के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
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आशा-आशा संगिनी के बकाये का भुगतान करने के निर्देश

आशा व आशा संगिनी के लंबित देय के भुगतान को लेकर एनएचएम विभाग ने कड़े कदम उठाए हैं। मिशन निदेशक ने प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि 31 मार्च 2025 तक के सभी बकाया देय का भुगतान करें। जिसकी उसकी रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर शासन को भेजें। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की महामंत्री अरुणा शुक्ला ने बताया कि 24 जनवरी को 1090.95 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था। आशा हेल्थ वर्कर्स एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष कुसुम लता यादव ने मिशन निदेशक व संयुक्त परिषद का आभार जताया।
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