बेड की संख्या से ज्यादा मरीजों को भर्ती दिखाया
कई दफा बेड की संख्या से ज्यादा मरीजों को भर्ती दिखाया गया। वहीं बिना जरूरत मरीजों को आईसीयू में भर्ती रखने का आरोप है। स्टेट हेल्थ एजेंसी आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (सांचीज) के अफसरों का कहना है कि कई मरीज को आईसीयू में ज्यादा या कम दिनों के लिए भर्ती रखा जा सकता है लेकिन भर्ती के दौरान जांच, दवाएं व दूसरे चीजों के दस्तावेज भी जरूरी है।
बहुत से आयुष्मान संबद्ध अस्पतालों ने आईसीयू में मरीजों को भर्ती रखा लेकिन जांच रिपोर्ट व दूसरी समरी-रिपोर्ट बिल भुगतान के वक्त पेश नहीं किया है। निजी अस्पतालों ने अधूरे दस्तावेजों के सहारे भुगतान की साजिश रची थी। इसे लेकर आईसीयू का क्लेम करने वाले सभी निजी अस्पतालों से सभी मरीजों के दस्तावेज तलब किए गए हैं।
सीएमओ ने कही ये बात
सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि आयुष्मान योजना के नोडल डॉ. विनय मिश्र को जांच के लिए आदेश दिए हैं। एक हफ्ते में सभी आठ अस्पतालों की रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। सभी बिंदुओं पर जांच कराई जा रही है। जांच में दोषी अस्पतालों पर कार्रवाई की संस्तुति होगी।