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डिजिटल इंडिया के क्षेत्र में यूपी की स्थिति संतोषजनक नहीं: रविशंकर प्रसाद

Sun, 13 Nov 2016 12:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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र‌वि शंकर प्रसाद - फोटो : pti
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केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि डिजिटल क्रांति ही अब हिंदुस्तान में बदलाव लाएगी। डिजिटल इंडिया की दिशा में यूपी की स्थिति को संतोषजनक नहीं कहा जा सकता। यहां महज 55 हजार कॉमन सर्विस सेंटर हैं।
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रविशंकर प्रसाद शनिवार को यहां योजना भवन में राष्ट्रीय सूचना-विज्ञान केंद्र (एनआईसी) की डीजी कनेक्ट और परीक्षा कनेक्ट परियोजनाओं के शुभारंभ के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। एनआईसी के जिलास्तरीय अधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम से लाइव जुड़े थे।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मेक इन इंडिया, स्टार्ट अप, स्मार्ट सिटी डिजिटल इंडिया की ओर हमारे कदम हैं। एनआईसी को इनके प्रचार-प्रसार पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने जीवन प्रमाण, ई-स्कॉलरशिप, ई-पासपोर्ट और ई-वीजा जैसी योजनाएं चलाईं, लेकिन एनआईसी का फील्ड स्टाफ ही इनके बारे में कोई जानकारी नहीं रखता।
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पहले खुद ट्रेंड होइए, फिर इन योजनाओं को लोगों के बीच भी पहुंचाइए। नई-नई खोजों की ओर ध्यान केंद्रित कीजिए। गूगल एप से झांसी के एक बच्चे ने स्पैनिश सीख ली। उन्होंने एनआईसी के कर्मियों को ‘ डिजिटल देश’ पत्रिका पढ़ने का सुझाव भी दिया।

मार्च तक खुलेंगे 2.5 लाख कॉमन सर्विस सेंटर

प्रसाद ने कहा कि मार्च तक देश में कॉमन सर्विस सेंटरों की संख्या 2.5 लाख तक पहुंचाने का लक्ष्य है। उन्होंने गरीब दलितों में भी डिजिटल साक्षरता पैदा करने का आह्वान किया।

इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाए यूपी
प्रसाद ने बताया कि एनडीए सरकार के कार्यकाल में मोबाइल फोन बनाने वाले कारखानों की संख्या एक से बढ़कर 40 हो गई। इनमें से 11 कारखाने ग्रेटर नोएडा में ही लगे हैं।

उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रानिक्स के क्षेत्र में यूपी को और भी अधिक सक्रिय होने की जरूरत है। बिहार और यूपी में आईटी सेक्टर को आगे बढ़ाकर हम काफी तब्दीली ला सकते हैं।
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दिसंबर तक यूपी की हर पंचायत में सीएससी खोलने का दावा

केंद्रीय मंत्री ने योजना भवन में 120 सर्वर और 300 से अधिक वेबसाइटों की होस्टिंग की क्षमता वाले एनआईसी डाटा सेंटर का लोकार्पण भी किया।

इस मौके पर उन्हें बताया गया कि डिजी कनेक्ट के तहत उत्तर प्रदेश के 4.1 करोड़ से अधिक लोगों के प्रमाण पत्र सुरक्षित रखे जा चुके हैं। इस अवसर पर ग्रामीण क्षेत्रों से आए बच्चों को डाउनलोडेड जाति प्रमाण पत्र भी दिए गए।

मेयर डॉ. दिनेश शर्मा ने मंत्री से एनआईसी कर्मियों की वेतन विसंगतियों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की मांग की। प्रदेश के विशेष सचिव सूचना प्रौद्योगिकी अजय दीप सिंह ने कहा कि दिसंबर तक यूपी की प्रत्येक ग्राम पंचायत में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी)  खोल दिया जाएगा।

उन्होंने वाराणसी, बरेली और गोरखपुर में केंद्र की आईटी पार्क योजना के लिए जमीन मुहैया कराने की बात भी कही। प्रमुख सचिव, नियोजन मुकुल सिंघल ने भी विचार रखे।
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