मिशन 2027 को लेकर गहन मंथन किया
इसमें मिशन 2027 को लेकर गहन मंथन किया गया। विधान सभा चुनाव से पहले प्रदेश में राजनीतिक, संगठनात्मक और प्रशासनिक ढांचे की व्यापक पुनर्समीक्षा अभियान के रूप में यह बैठक देखी जा रही है। शीर्ष नेतृत्व की यह मौजूदगी बताती है कि पार्टी आने वाले महीनों में यूपी की राजनीतिक जमीन पर फिर से ‘माइक्रो प्रबंधन’ मोड में उतरने जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि सीएम आवास पर चली करीब दो घंटे की बैठक में संघ, सरकार और पार्टी के बीच बेहतर समन्वय के साथ ही 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति की चर्चा हुई। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण विषय शताब्दी वर्ष मना रहे राष्ट्रीय सेवक संघ (आरएसएस) की ओर जनवरी में आयोजित होने वाले हिंदू सम्मेलन की तैयारियों पर चर्चा हुई। इस सम्मेलन में आरएसएस के पंच प्रण, जिनमें सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी आचरण और नागरिक कर्तव्यों को जन-जन तक पहुंचाने पर प्रमुखता से चर्चा होनी है।
बता दें शताब्दी वर्ष के तहत आयोजित हो रहे कार्यक्रमों में संघ का जातियों में बंटे हिंदु समाज को एक मंच पर लाने पर विशेष फोकस है। वहीं, सीएम भी घुसपैठियों को बाहर करने से लेकर हिंदुओं से जुड़े तमाम मुद्दों पर मुखर होकर बोल रहे हैं।
इसी उद्देश्य से संघ परिवार लखनऊ में बड़े पैमाने पर हिंदु सम्मेलन करने की तैयारी कर रहा है। इसमें मुख्यमंत्री की मुख्य भूमिका होगी। सूत्रों का कहना है कि इस मुद्दे के अलावा सरकार, संगठन और संघ के बीच समन्वय पर भी चर्चा हुई है कि 2027 की तैयारियों में सभी मिलकर कार्यक्रम चलाया जाए।
पहले संघ कार्यालय पर हुई बैठक
सीएम आवास की बैठक से पहले अरुण कुमार और बीएल संतोष ने पहले संघ कार्यालय भारती भवन में अलग-अलग नेताओं से मुलाकात कर राजनीतिक और संगठनात्मक फीडबैक लिया। उन्होंने पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र प्रचारकों के साथ बंद कमरे में बैठक की, जिसमें संघ के कार्यों की वर्तमान स्थिति, स्वयंसेवकों की सक्रियता, शाखाओं के विस्तार और सामाजिक समरसता जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। समन्वय बैठक में यह भी तय किया गया है जल्द ही निगम, आयोग व बोर्ड में भाजपा के पुराने कार्यकर्ताओं को समायोजित किया जाए।
संघ के समूहों के फीडबैक पर चर्चा
सूत्रों का कहना है कि बैठक में संघ के मजदूर सभा, शिक्षा, व्यापारिक समेत अन्य समूहों से मिली जमीनी फीडबैक से भी सीएम को अवगत कराया गया है। ताकि सरकार को जमीनी हकीकत से अवगत कराया जा सके और सरकार उसके मुताबिक इन मुद्दों का समाधान कराए।
सरकार व संगठन में बदलाव भी चर्चा
सूत्रों का कहना है कि बैठक में अन्य मुद्दों के अलावा आगामी दिनों में सरकार और संगठन में संभावित बदलावों पर भी रायसुमारी की गई। चूंकि जल्द ही नए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष का चुनाव होना है और मंत्रिमंडल में फेरबदल की भी चर्चा है। इसलिए कहा जा रहा है कि समन्वय बैठक में इस मुद्दे पर भी रायसुमारी की गई है। इसके निचोड़ से पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को भी अवगत कराया जाएगा। ताकि आगे की कार्यवाही को आगे बढ़ाया जा सके। बैठक में संगठन और सरकार के नेताओं के बीच मजबूत समन्वय को लेकर भी चर्चा होने की बात कही जा रही है।