उप्र. राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) के अयोध्या, उन्नाव और फतेहपुर के अफसरों व कर्मियों द्वारा एमएसटी की रकम की हेराफेरी की विजिलेंस जांच में दो अफसर सहित छह कर्मचारी दोषी पाए गए हैं।
दोषी कार्मिकों में अयोध्या के पूर्व सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक अविनाश चंद्रा व राकेश मोहन पांडेय, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक वित्त सुशील कुमार श्रीवास्तव और दीपेंद्र सिंह और उन्नाव क्षेत्र के पूर्व लेखाधिकारी सूर्यभान शुक्ला व पंकज कुमार तिवारी शामिल हैं। विजिलेंस इन पर जल्द ही पुलिस में अभियोग दर्ज कराएगी। अभियोग दर्ज होने पर नामजद लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है। विजिलेंस ने परिवहन निगम से अभियोग दर्ज कराने के लिए अनुमति मांगी थी जो उसे मिल गई है। परिवहन निगम इन सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक को और कर्मचारियों के खिलाफ निगम स्तर पर भी कार्रवाई करने जा रहा है।
ये था मामला
परिवहन निगम ने अयोध्या उन्नाव और फतेहपुर में एमएसटी की रकम की हेराफेरी की जांच विजिलेंस को सौंपी थी। घोटाले का खुलासा वर्ष 2018 में हुआ था। जांच पूरी होने के बाद शासन ने परिवहन निगम के एमडी को पत्र भेज करके कार्रवाई करने का आदेश दिया था। मामले में चार सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, एक एक लेखाकर और वरिष्ठ केंद्र प्रभारी दोषी मिले थे।
इतनी रकम की हुई थी हेराफेरी
जिला रकम (लाख रुपये)
अयोध्या 43.80
उन्नाव 5.11
फतेहपुर 5.61
योग 54.52