प्रदेश में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में तीन या उससे अधिक मौतें होने पर उसे स्पेशल रिपोर्ट केस मानते हुए पुलिस मुख्यालय को रिपोर्ट भेजनी होगी। डीजीपी राजीव कृष्ण ने इस बाबत दिशा-निर्देश जारी करने के साथ ऐसे मामलों की जांच में वरिष्ठ अधिकारियों को विवेचकों का सहयोग करने को कहा है, ताकि दोषियों को दंडित कराया जा सके। यह कवायद सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या में 50 फीसद कमी लाने के शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुपालन में की गई है।
दरअसल, ऐसे मामलों की जांच में सामने आया है कि इनकी विवेचना को अपेक्षित महत्व नहीं दिया जाता है। वरिष्ठ अधिकारियों के पर्यवेक्षण के अभाव में विवेचनाओं की कमियों की वजह से मृतकों के आश्रितों को बीमा का भुगतान मिलने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
डीजीपी ने ऐसे प्रकरणों की विवेचना में कुछ बिंदुओं का खास ध्यान रखने को कहा है, जिनमें विवेचना के दौरान वाहन स्वामी और चालक का सही नाम-पता केस डायरी में दर्ज करना, वाहन का नियम विरुद्ध मॉडिफिकेशन, बीमा, फिटनेस, प्रदूषण और रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण एवं वैधता का केस डायरी में जिक्र करना आदि शामिल है।