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यूपी: अवध के छह जिलों में उफनाई नदियां, गांवों में घुसा पानी; कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर

Tue, 05 Aug 2025 10:27 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

Flood in UP: यूपी में अवध क्षेत्र से गुजरने वाली कई नदियां उफान पर हैं। बहराइच, बाराबंकी, गोंडा व सीतापुर में सरयू का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों में पानी घुस गया है। 
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बहराइच में उफनाई सरयू। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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बारिश के बीच अवध के छह जिलों में मंगलवार को नदियां उफान पर रहीं। बहराइच, बाराबंकी, गोंडा व सीतापुर में सरयू का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों में पानी घुस गया है। बलरामपुर में खरझार पहाड़ी नाला भी उफना गया है। वहीं, श्रावस्ती में राप्ती खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। सीतापुर के इमलिया सुल्तानपुर क्षेत्र के टीकर बहादुरपुर में बारिश के बीच सोमवार देर रात कच्ची दीवार गिरने से शराफत (25) व पत्नी शाबान (20) से घायल हो गए। शराफत ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

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बहराइच : सरयू लाल निशान से 32 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। यहां 22 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। मिहींपुरवा के मौरहवा और महसी के जानकी नगर में नदी ने कटान तेज कर दिया है। बाढ़ से घिरे सुजौली क्षेत्र के जंगल गुलरिया में निरीक्षण के लिए एसडीएम प्रकाश सिंह को ट्रैक्टर से जाना पड़ा।

बाराबंकी : सरयू खतरे के निशाने से 40 सेमी ऊपर बह रही है। सुंदरनगर गांव में बाढ़ का पानी पहुंच गया है।

गोंडा : सरयू में हर घंटे एक सेंटीमीटर पानी बढ़ रहा है। यहां जलस्तर खतरे के निशान से 37 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। जिले में 24 से अधिक गांवों में पानी पहुंच गया है।
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बलरामपुर : खरझार पहाड़ी नाला भी उफना गया है।

सीतापुर : सरयू उफान पर है। बाढ़ के पानी से 40 गांव घिर गए हैं।

श्रावस्ती : राप्ती का जलस्तर लाल निशान से 80 सेंटीमीटर ऊपर है। इकौना के भुतहा में कटान तेज हो गया है।

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मिर्जापुर में टूटा 2021 का रिकार्ड, गंगा उच्चतम जल स्तर से 18 सेमी तक ऊपर

 प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ का कहर बढ़ता जा रहा है। सिंचाई विभाग के आंकड़ों के मुताबिक मिर्जापुर जिला बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित है। यहां उफनाई गंगा वर्ष 2021 के अपने उच्चतम जल स्तर से चुनार में सात और नरायणपुर में 18 सेमी ऊपर बह रही है। सिंचाई विभाग की ओर से संबंधित अधिकारियों को इसके लिए अलर्ट कर दिया गया है।

अधिशासी अभियंता (बाढ़ मंडल) हरिओम गुप्ता ने बताया कि मंगलवार को बाढ़ के दृष्टिकोण से सबसे अधिक गंभीर स्थिति मिर्जापुर जिले की है। इस जिले के चुनार क्षेत्र गंगा का जल स्तर तेजी के साथ बढ़ा है। वर्ष 2021 में भी यहां नदी का जलस्तर खतरा निशान से ऊपर बढ़कर अपने उच्चतम जल स्तर 75.28 मीटर तक पहुंच गया था। लेकिन मंगलवार नदी का जलस्तर इससे सात सेंटीमीटर तक और बढ़ गया। संबंधित क्षेत्र में करीब 36 ग्राम इससे अधिक प्रभावित हैं। इसी जिले के नराणपुर में स्थिति और भी अधिक खराब है। वहां नदी वर्ष 2021 के अपने उच्चतम जलस्तर 74.91 से 18 सेमी. ऊपर बह रही है। उन्होंने बताया कि यह स्थिति राजस्थान के चंबल नदी के उफान से पहुंचे बाढ़ के पानी के कारण हुई है।

प्रयागराज में यमुना अपने खतरा निशान 84.74 मीटर से 1.19 मीटर और प्रयागराज के ही छदनाग क्षेत्र में खतरा निशान 84.374 मीटर से 58 सेमी. ऊपर बह रही है। इसके अलावा वाराणसी, अयोध्या, गाजीपुर, बलिया, श्रावस्ती क्षेत्र में बहने वाली नदियों के साथ ही लखनऊ मंडल के लखीमपुर खीरी जिले के पलिया क्षेत्र में बहने वाली शारदा का जलस्तर भी खतरा निशान से ऊपर पहुंच गया है। हालांकि इन सभी स्थानों पर देर रात जल स्तर घटने की संभावना है। उन्होंने बताया कि सभी प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन के साथ-साथ सिंचाई और बाढ़ खंड विभाग के अधिकारी अलर्ट मोड पर हैं। हर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
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