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यूपी: बंदरों की बढ़ती संख्या बनी चिंता का विषय, शासन ने कहा-इन्हें पकड़ने के लिए अनुमति लेना जरूरी नहीं

Sun, 10 May 2026 10:21 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

Number of monkeys: यूपी में बंदरों की बढ़ती संख्या को लेकर शासन परेशान है। बंदर आबादी से बाहर जाएं इसके लिए फलदार पेड़ लगाए जाएंगे। 
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प्रदेश में लगातार बढ़ रहे हैं बंदर।
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विस्तार
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प्रदेश में बंदरों को पकड़ने के लिए किसी अनुमति की जरूरत नहीं है। वहीं, आबादी वाले इलाकों में इस समस्या से निजात दिलाने के लिए गांव, कस्बों व शहरों के बाहर फलदार वृक्ष भी बढ़ाए जाएंगे। इसके लिए शासन ने सभी जिलाधिकारियों को जरूरी निर्देश भेज दिए हैं।

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हिमाचल प्रदेश में 91 तहसीलों और शिमला नगर निगम क्षेत्र में बंदरों को सीमित अवधि के लिए पीड़क जंतु घोषित किया गया और उन्हें मारने की छूट दी गई, लेकिन यूपी में ऐसा नहीं किया जाएगा। धार्मिक भावनाओं के आहत होने की संभावना के चलते यह फैसला किया गया है।

जिलाधिकारियों को भेजे पत्र में कहा गया है कि वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत बंदरों को पकड़ने के लिए किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं है। नगर निकाय और ग्राम पंचायत बंदरों को पकड़ने का काम करेंगी। इस काम में निपुण व्यक्तियों की मदद ली जाएगी। पकड़े गए बंदरों को उसी जिले में स्थित वन क्षेत्र में छोड़ने को प्राथमिकता दी जाएगी। संरक्षित क्षेत्रों में बंदरों को नहीं छोड़ा जाएगा। घायल या अपंग बंदरों को पकड़ने का काम वन विभाग पशु चिकित्सकों के माध्यम से किया जाएगा। इलाज के बाद उन्हें छोड़ा जाएगा। बंदरों को पकड़ने के काम की निगरानी जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित 9 सदस्यीय कमेटी करेगी।

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