उधर, राजाजीपुरम निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक गया प्रसाद त्रिपाठी को छह दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर ठगों ने 12.57 लाख रुपये हड़प लिए। पीड़ित के मुताबिक, सात नवंबर को उनके पास अंजान नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले ने बताया कि वह एटीएस से इंस्पेक्टर रंजीत कुमार है, जो लखनऊ पुलिस हेडक्वार्टर से बात कर रहा है।
ठग ने कहा कि उनका नाम पाकिस्तान से जुड़ा पाया गया है। दिल्ली के अफजल खान ने बताया है कि उनका मोबाइल नंबर पाकिस्तान वालों के पास है। जम्मू-कश्मीर में केस दर्ज किया गया है। ठगों ने जेल भेजने की धमकी दी। ठग ने कहा कि उनका नाम मनी लॉन्डिंग में भी आया है। वह जेल जाने से बचा सकता है। इसके लिए सभी बैंक खातों की जानकारी देनी होगी। झांसे में लेकर ठगों ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर लिया। पीड़ित ने तीन खातों की जानकारी दे दी। इसके बाद ठगों ने उनसे अलग-अलग खातों में 12 लाख 57 हजार रुपये ट्रांसफर करवा लिए।
पुलिस ने फ्रीज कराए ढाई लाख रुपये
साइबर क्राइम थाने के प्रभारी ब्रजेश कुमार के मुताबिक गया प्रसाद ने ठगी की शिकायत की थी। पड़ताल के दौरान ठगों के दो खातों में ढाई लाख रुपये फ्रीज करा दिए गए। ठगों के बैंक खातों के बारे में पता लगाया जा रहा है। तेज बहादुर सिंह से हुई ठगी की रकम भी वापस दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- अगर आपके बैंक में कोई बड़ी रकम आती है तो यह मान लीजिए कि साइबर अपराधियों की नजर आपके खाते पर है।
- अमूमन साइबर अपराधी बैंकों में अपने नेटवर्क से ऐसे लोगों की जानकारी जुटाते हैं, जिनके खाते में जमीन-मकान बेचने या रिटायरमेंट के फंड के रूप में बड़ी रकम होती है।
- यदि आप भी ऐसे व्यक्ति हैं तो हमेशा अंजान फोन करने वालों से सतर्क रहें।
- साइबर ठग हमेशा खुद को क्राइम ब्रांच, इंडी, एटीएस और अन्य एजेंसियों का अफसर बताकर आपको झांसे में लेने का प्रयास करते हैं।
- ज्यादातर मामलों में व्यक्ति को आतंकवादियों से संबंध, हवाला, ड्रग डीलर का आरोपी बताकर गिरफ्तारी की धमकी देते हैं।
- इस तरह के कॉल आने पर ठगों के मना करने के बावजूद सबसे पहले अपने परिवार और करीबियों को इसकी जानकारी दें।
- किसी भी तरह से अपने खातों को जानकारी साझा न करें और कोई रकम भी ट्रांसफर न करें।
यहां करें शिकायत: यदि आप साइबर ठगी का शिकार होते हैं तो साइबर क्राइम थाने, साइबर सेल, लोकल पुलिस स्टेशन, टोल फ्री नंबर 1930 या वेबसाइट
www.cybercrime.gov.in के जरिये शिकायत दर्ज करा सकते हैं।