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यूपी: डीएम के पास रोते हुए पहुंचीं आवासीय विद्यालय की छात्राएं, कहा- रात में आते हैं बाहरी लोग; जानिए मामला

Sat, 04 Oct 2025 09:18 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

Lucknow District Magistrate: तहसील समाधान दिवस में मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत सदर तहसील पहुंचे। इस दौरान उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनी और उसके निस्तारण के निर्देश दिए।
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समाधान दिवस में अलग-अलग फरियाद लेकर आए पीड़ित। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 तहसील समाधन दिवस में शनिवार को जिलाधिकारी विशाख जी मोहनलालगंज तहसील में जनसुनवाई कर रहे थे। इसी बीच खुजौली स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की 15 से 20 छात्राएं रोते हुए डीएम के सामने जा पहुंची। अचानक से छात्राओं की भीड़ और उन्हें रोता देखकर मातहत घबरा गए।

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डीएम ने छात्राओं को शांत कराते हुए उनकी परेशानी पूछी तो सभी हैरान रह गए। छात्राओं ने प्रिंसिपल और वार्डन पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। छात्राओं के साथ उनके अभिभावक भी पहुंचे थे। आरोप है कि विद्यालय की प्रधानाचार्या और वार्डन छात्राओं से झाड़ू-पोंछा और शौचालय की सफाई करवाती हैं। छात्राओं को सही से खाना नहीं दिया जाता। रात को विद्यालय परिसर में कार से अज्ञात लोग परिसर में आते हैं। बालिकाओं ने कहा कि अगर कोई छात्रा उस दिशा में देखने की कोशिश करती है तो उसकी बेरहमी से पिटाई की जाती है। यही नहीं, गालियां भी दी जाती है। 

छात्राओं ने आरोप लगाया कि प्रिंसिपल धमकी देती हैं कि अगर ये बात किसी को बताई तो अंजाम भुगतना पड़ेगा। बच्चियों ने विद्यालय में पढ़ाई जारी रखने से मना कर दिया। अभिभावकों ने बताया कि नवरात्रि और दशहरे की छुट्टियों पर घर पहुंची बच्चियों ने आपबीती बताई और शरीर की चोटें भी दिखाईं। इसके बाद अभिभावकों को मामले की जानकारी हुई। अभिभावकों ने प्रिंसिपल और वार्डन को निलंबित करने की मांग की। ऐसा नहीं होने पर बच्चों को विद्यालय भेजने से मना कर दिया। डीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बीएसए व महिला नायब तहसीलदार को जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने टीम को बालिकाओं से बंद कमरे मे बयान रिकार्ड कर जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा है। जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्यवाही होगी।

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आईजीआरएस में घर बैठे लगाई रिपोर्ट, लेखपाल को चार्जशीट

पटवाखेड़ा के धर्मपाल को सरकारी पट्टे में जमीन मिली थी, लेकिन गांव के ही कुछ लोगों ने उसपर कब्जाकर निर्माण शुरू कर दिया। किसान ने आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत की। लेखपाल ने गांव जाकर पीड़ित से मिलने की जगह घर बैठे शिकायत का निस्तारण कर दिया। उधर, कार्रवाई न होने से अवैध कब्जा करने वाले लोगों ने छत भी डाल दी। किसान ने इसकी शिकायत डीएम से की। डीएम ने लेखपाल आलोक गुप्ता से पूछताछ की, लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। नाराज डीएम ने लेखपाल को मुख्यालय से संबद्ध करते हुए एसडीएम से आरोप पत्र देने के निर्देश दिए। डीएम ने तहसीलदार को गांव जाकर जांच करने के लिए कहा। उधर, गौरा के पवन के पिता व दादा की मौत होने के बावजूद तीन साल बाद भी वसीयत दर्ज न होने पर डीएम ने राजस्व निरीक्षक को फटकार लगाते हुए एसडीएम से रिपोर्ट मांगी। उधर, मलिहाबाद के ग्राम कैथुलिया निवासी रेखा ने एक नर्सरी मालिक पर मजदूरी नहीं देने की शिकायत की। वहीं, सरोजनी नगर तहसील में समदा गांव के राजेश कुमार और मुन्नीलाल ने उनकी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत की। इसपर एसडीएम अंकित शुक्ला ने कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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मंडलायुक्त पहुंचे सदर तहसील, की सुनवाई

तहसील समाधान दिवस में मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत सदर तहसील पहुंचे। इस दौरान उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनी और उसके निस्तारण के निर्देश दिए। इस बीच चिनहट से आईं शांति देवी और गोपरामऊ से आईं शांति कमिश्नर के सामने फरियाद लेकर रोने लगीं। गापरामऊ की शांति ने पट्टे की जमीन पर कब्जे का आरोप लगाया। वहीं, चिनहट की शोति देवी ने जमीन की नाप कराने के लिए बार-बार दौड़ाने का आरोप लगाया। कमिश्नर ने दोनों ही मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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