सुप्रीम कोर्ट के बाहर दुराचार पीड़िता एवं उसके गवाह के आत्महत्या के मामले में घटना के समय जेल में बंद घोसी से बसपा सांसद अतुल राय को राहत मिल गई। एमपीएमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश उमाकांत जिंदल ने आरोपी अतुल राय को मामले के सभी आरोपों से उन्मोचित कर दिया है। उक्त मामले में अतुल राय और पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर के ऊपर पीड़िता को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप लगाए गए थे।
कोर्ट ने आरोपी की ओर से उसे आरोपों से अवमुक्त करने की मांग वाली अर्जी को स्वीकार करते हुए कहा कि अतुल सिंह उर्फ अतुल राय और अमिताभ ठाकुर के बीच कथित मिलीभगत अथवा साजिश के समर्थन में कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं था। कथित घटना के समय अतुल राय जेल में निरुद्ध थे। उनके और अमिताभ ठाकुर के बीच टेलीफोनिक संपर्क, जेल में मुलाकात अथवा किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से संदेश भेजे जाने का भी कोई साक्ष्य विवेचना में सामने नहीं आया। कोर्ट ने आगे कहा कि विवेचक ने मुख्यतः इस धारणा के आधार पर आरोपपत्र प्रस्तुत किया था कि आत्महत्या से अतुल राय को लाभ हो सकता है।
कोर्ट ने कहा कि अतुल राय के खिलाफ आरोप तय करने के लिए प्रथमदृष्टया पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं। बताते चलें कि एसआइटी जांच की रिपोर्ट आने के बाद 27 अगस्त 2021 को हजरतगंज थाने में एसएसआई दयाशंकर द्विवेदी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एफआईआर के मुताबिक वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल करते हुए गठित एसआइटी की जांच रिपोर्ट में पता चला कि सांसद अतुल राय के खिलाफ रेप पीड़िता ने वाराणसी के लंका थाने में दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने उस मामले में विवेचना के बाद चार्जशीट दाखिल कर दी है और मामला वाराणसी की कोर्ट में लंबित है।
दुष्कर्म पीड़िता ने आरोप लगाया है कि वाराणसी में दर्ज दुराचार के मामले में रेप के आरोपी सांसद अतुल राय को बचाने के लिए अतुल राय से पैसा लेकर पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने अपराधिक षड़यंत्र रचा था और गवाहों को बदनाम करने के लिए और पीड़िता पर दबाव बनाने के लिए अपराधियों से नाम जोड़ कर छवि खराब करने के लिए ऑडियो वायरल किया था। कहा गया है कि इस मामले में सांसद को अनुचित लाभ दिलाने के लिए और पीड़िता पर दबाव बनाने के लिए अमिताभ ठाकुर ने पीड़िता और उसके गवाहों के खिलाफ सात आपराधिक मामले दर्ज कराए। लगातार झूठी खबर वायरल होने एवं पीड़िता व उसके गवाह की छवि धूमिल करने से आहत होकर पीड़ित एवं उसके गवाह ने 16 अगस्त 2021 को सुप्रीम कोर्ट के गेट के बाहर फेसबुक पर लाइव टेलीकाॅस्ट करते हुए आत्महत्या का प्रयास किया था, जिसमे दोनों बुरी तरह से झुलस गए थे। बाद में इलाज के दौरान दोनों की मृत्यु हो गई थी।