प्रदेश के 26 जिलों में वन स्टॉप सेंटर (महिला सहायता केंद्र) में खाली 252 पदों को भरा जाएगा। इसके साथ ही मानसिक मंदित महिलाओं के लिए गृह की स्थापना की जाएगी। इसके तहत स्वयंसेवी संस्थाओं के जरिए लखनऊ में 100-100 बेड की क्षमता के दो गृहों का संचालन होगा। वर्तमान में संचालित विभागीय संस्थाओं में 203 मानसिक मंदित महिलाओं को आश्रय दिया गया है। इसके साथ ही महिला संरक्षण व बाल देखरेख संस्थाओं में निवासित बच्चों व महिलाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार महिला कल्याण विभाग की कार्ययोजना में कई कार्य होने हैं। इसी क्रम में संस्थाओं में आवासित महिलाओं और 16 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों को उनकी अभिरुचि के अनुरूप कौशल विकास प्रशिक्षण से जोड़ने के लिए उनकी अभिरुचि की मैपिंग होगी। साथ ही मैपिंग के बाद प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं संविदा व सेवा प्रदाता के जरिए मिशन वात्सल्य के तहत 136 खाली पद भरे जाएंगे। वहीं विभाग की 100 दिवसीय कार्ययोजना के तहत हर 15 दिन में ब्लॉक स्तर पर स्वावलंबन कैंपों का आयोजन होगा।
प्रवक्ता के अनुसार मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, उप्र मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, पति की मृत्युपरांत निराश्रित महिला पेंशन योजना आदि के फॉर्म भरवाए और स्वीकृत कराए जाएंगे। वहीं महिलाओं और बेटियों को बेहतर सुविधाएं देने और उनकी समस्याओं का तेजी से निराकरण करने के लिए वन स्टॉप सेंटर और महिला शक्ति केंद्र के बीच समन्वय स्थापित करने की भी कवायद चल रही है।