बैठक में सीएम को बताया गया कि वर्तमान में 1,18,348 स्वीकृत पदों के सापेक्ष 71,155 होमगार्ड कार्यरत हैं। आगामी 10 वर्षों में करीब 38 हजार स्वयंसेवक सेवानिवृत्त हो जाएंगे। वर्तमान में 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 51 प्रतिशत से अधिक स्वयंसेवक कार्यरत हैं। ड्यूटी आवंटन, भत्तों का भुगतान, अनुग्रह राशि और पेंशन जैसी व्यवस्थाएं ऑनलाइन हो चुकी हैं। होमगार्ड मित्र मोबाइल एप ने कार्यप्रणाली को अधिक सरल और पारदर्शी बनाया है। केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान और 12 मंडलीय प्रशिक्षण केंद्रों में प्रतिवर्ष 15 हजार से अधिक स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण देने की क्षमता है।