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यूपी: महाकुंभ जाने से पहले पढ़ लें ये जरूरी बातें, कब जाएं, कैसे जाएं से लेकर कहां रुकें तक हैं पूरी डिटेल

Tue, 28 Jan 2025 08:01 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला, सिटी रिपोर्टर, लखनऊ

सार

 राजधानी से जाने वाले श्रद्धालुओं को कैसे और कहां से मिलेंगे वाहन, कितना पैदल चलना पड़ सकता है और किन बातों का ख्याल रखना होगा जरूरी, इन सबके बारे में जानने के लिए पढ़ें महाकुंभ से लौटे हमारे रिपोर्टर की रिपोर्ट। 
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महाकुंभ 2025 - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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144 वर्ष बाद बने महाकुंभ के इस दुर्लभ संयोग में हर कोई संगम में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित करना चाहता है। प्रयागराज में मौनी अमावस्या पर कल महाकुंभ का सबसे बड़ा स्नान पर्व होगा। ऐसे में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ेगा। ऐसे में पूरी तैयारी और जानकारी के साथ ही जाएं, वरना वहां पहुंचकर परेशानियां उठानी पड़ सकती हैं। राजधानी से जाने वाले श्रद्धालुओं को कैसे और कहां से मिलेंगे वाहन, कितना पैदल चलना पड़ सकता है और किन बातों का ख्याल रखना होगा जरूरी, इन सबके बारे में जानने के लिए पढ़ें महाकुंभ से लौटे अभिषेक सहज और नीरज ‘अम्बुज’ की विशेष रिपोर्ट :

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राजधानी के आलमबाग, कैसरबाग, चारबाग और कमता से अपनी सुविधानुसार बस से प्रयागराज के लिए रवाना हो सकते हैं। यहां से हर दस मिनट पर बसें उपलब्ध हैं। ज्यादा भीड़ होने पर इंतजार करना पड़ सकता है।
बस चार से पांच घंटे में आपको प्रयागराज के फाफामऊ में बनाए गए बेला कछार स्टेशन पर उतारेगी। यहां से हर पांच मिनट में इलेक्ट्रिक बसें मिलेंगी। हालांकि, भीड़ के चलते इंतजार करना पड़ सकता है। अगर बस मिलने में असुविधा हो तो आप थोड़ा सा पैदल चलकर फाफामऊ बाईपास पहुंचें। यहां से आपको ऑटो मिल जाएगा।
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इसका किराया 50 लेकर 100 रुपये प्रति व्यक्ति तक हो सकता है। ऑटो आपको फाफामऊ, तेलीबाग होते हुए इलाहाबाद विवि मार्ग, कटरा, दारागंज के रास्ते करीब 30 मिनट में मेला परिसर से कुछ दूर पहले तक पहुंचा देगा। यहां से संगम स्नान स्थल के लिए पांच किमी पैदल यात्रा करनी होगी, क्योंकि यहां से वाहनों का प्रवेश बंद है। हालांकि, मौनी अमावस्या पर यहां तक भी वाहनों की सुविधा नहीं मिलेगी। संगम स्थल से करीब 10 किमी पहले ही वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। अगर आप बेला कछार से इलेक्ट्रिक बस से आएंगे तो बिना किसी शुल्क के ये आपको मेला स्थल से करीब आठ किमी पहले बने बस स्टॉप पर उतार देंगी। यहां से आपको संगम स्थल तक पैदल जाना होगा।

सुबह जा रहे हैं तो प्रयास करें कि नित्यक्रिया से निवृत्त होकर ही मेला परिसर में स्नान के लिए प्रवेश करें। परिसर में यूं तो थोड़ी-थोड़ी दूरी पर अस्थायी सुलभ शौचालय हैं, लेकिन ज्यादा भीड़ होने पर असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। मेला परिसर में जगह-जगह मार्ग की जानकारी देते हुए बोर्ड मिल जाएंगे। फिर भी कोई दिक्कत होने पर वहां मौजूद पुलिसकर्मी आपकी हर संभव मदद के लिए मौजूद रहेंगे।

महाकुंभ में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। - फोटो : अमर उजाला।

ट्रेन से जा रहे हैं तो ऐसे मिलेगा साधन

आप ट्रेन से महाकुंभ के लिए पहुंचना चाहते हैं तो आठ स्टेशन बनाए गए हैं। प्रयागराज जंक्शन, प्रयागराज रामबाण, प्रयाग घाट, दारागंज और बमरौली जंक्शन से ऑटो, सिटी बस और टैक्सी से महाकुंभ तक पहुंच सकते हैं। प्रयागराज जंक्शन से मेले की दूरी 11 किमी है। फाफामऊ जंक्शन से 18, झूंसी से मेले की दूरी करीब साढ़े तीन किमी है। प्रयागराज रामबाण से मेले की दूरी करीब नौ किमी है। नैनी से मेले की दूरी करीब आठ किमी है।

अकेले हैं तो बाइक हो सकता है अच्छा विकल्प

आप अकेले ही प्रयागराज पहुंचे हैं तो संगम मेला परिसर, अरैल घाट या फिर अन्य जगहों तक पहुंचने के लिए बाइक बेहतर विकल्प हो सकता है। प्रयागराज में बहुत से बाइक वाले लगभग हर चौराहे पर मौजूद रहते हैं, जो आपको गंतव्य तक जाम के बीच भी जल्द पहुंचा सकते हैं। यहां कई रूट ऐसे भी हैं जहां चार पहिया वाहनों का प्रवेश जाम लगने से प्रतिबंधित कर दिया जाता है।
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इन बातों का रखें ख्याल

- मौनी अमावस्या पर अपने साथ बुजुर्ग, बीमार व बच्चों को ले जाने से बचें।
- आधारकार्ड या अन्य कोई पहचानपत्र साथ रखें।
- हो सके तो रहने की व्यवस्था पहले से बुक करा लें।
- सुबह और रात में ठंड रहती है। गर्म कपड़े भी साथ रखें।
- बहुत ज्यादा सामान साथ ले जाने से बचें।
- स्नान के लिए अधिकृत घाटों का ही इस्तेमाल करें।
- अजनबियों पर भरोसा न करें, संदिग्ध वस्तुओं को न छुएं।
- मोबाइल संभालकर रखें, बैटरी भी चार्ज हो।
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