प्रदेश में घरेलू जरूरत के अनुसार एलपीजी सिलिंडर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। प्रमुख सचिव खाद्य Ranveer Prasad ने उपभोक्ताओं से घबराहट में खरीदारी न करने की अपील की है। उन्होंने बताया कि मिट्टी के तेल और पेट्रोल-डीजल की भी पर्याप्त आपूर्ति है तथा सिलिंडरों की होम डिलीवरी व्यवस्था लागू है।
प्रमुख सचिव खाद्य एवं आयुक्त रणवीर प्रसाद ने कहा कि प्रदेश में जितनी घरेलू जरूरत है, उतने एलपीजी सिलिंडर हमारे पास उपलब्ध हैं। इतना ही नहीं 8000 किलोलीटर (80 लाख लीटर) केरोसिन (मिट्टी का तेल) भी प्रदेश को मिला है। इसके वितरण के लिए जिलों से डिमांड मांगी गई है। इसलिए उपभोक्ता घबराहट में आकर खरीद के लिए लाइन में न लगें।
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रणवीर प्रसाद ने कहा कि हमारे पास पर्याप्त मात्रा में डीजल-पेट्रोल भी उपलब्ध है। एलपीजी सिलिंडरों की शत-प्रतिशत होम डिलीवरी की व्यवस्था है। इसलिए एजेंसियों पर लाइनें लगाने की आवश्यकता नहीं है।उन्होंने कहा कि अगर किसी भी एजेंसी ने घरेलू सिलिंडरों को किसी व्यावसायिक संस्थान को दिया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। हर जिले में नजर रखी जा रही है। इसलिए घरेलू सिलेंडरों के वितरण में ओटीपी की व्यवस्था का शत-प्रतिशत पालन करें।
डिलीवरी में आई कमी
उधर सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रदेश में 11 मार्च को 7.5 लाख सिलिंडरों की बुकिंग हुई, जबकि वितरण 6.60 लाख सिलिंडरों का हुआ। वहीं, आम दिनों में 11 लाख तक की बुकिंग और 8 लाख सिलिंडरों की डिलीवरी होती थी।