मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के सवालों पर कैबिनेट मंत्री एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने पलटवार किया है। उन्होंने विपक्ष से कहा कि सवाल पूछना लोकतंत्र में उसका अधिकार है, लेकिन सवालों के साथ तथ्य और प्रमाण भी देने चाहिए।
राजभर ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश से समाजवादी पार्टी के 37 और कांग्रेस के छह सांसद निर्वाचित हुए। उनका कहना था कि जब इसी चुनावी व्यवस्था के तहत विपक्ष के 43 सांसद चुनाव जीतकर संसद पहुंचे, तब व्यवस्था पर सवाल नहीं उठाया गया। उन्होंने पंजाब में आम आदमी पार्टी तथा हिमाचल और केरल में कांग्रेस की सरकार बनने का भी हवाला दिया।
उन्होंने कहा कि एसआईआर को लेकर ऐसा माहौल बनाया जा रहा है, जैसे यह कोई नई व्यवस्था हो। निर्वाचन आयोग के रिकॉर्ड में पहले भी अलग-अलग समय पर मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण का उल्लेख मिलता है। राजभर ने कहा कि उनकी मांग है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से नहीं छूटना चाहिए। गरीब, किसान, मजदूर, पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक और सामान्य वर्ग के सभी पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में होना चाहिए। किसी पात्र व्यक्ति का नाम गलती से कट गया है तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसे जोड़ा जाना चाहिए।