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गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथु़रा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, जालौन, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़,बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर व आसपास के इलाके।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के कई जिलों में निरंतर हो रही बारिश पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मौसम विपरीत है, ऐसे में अधिकारी निरंतर किसानों के संपर्क में रहें। बेमौसम बारिश ने किसानों का चैन छीन लिया है, लेकिन सरकार संबल के रूप में खड़ी है। उन्हें परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
सीएम ने मंगलवार को फिर हुई असमय बारिश से किसानों को होने वाली परेशानी के बारे में जिलाधिकारियों से रिपोर्ट मांगी। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी स्वयं किसानों के पास पहुंचें और मातहतों को भी फील्ड में रखें। फसलों के नुकसान का आकलन कराने के साथ समयबद्ध ढंग से मुआवजा दिलाएं। हर हाल में प्रयास करें कि आपदा का असर किसानों पर न्यूनतम हो। जनहानि, पशुहानि, घायलों व प्रभावितों को निश्चित समय में मुआवजा दिलाना सुनिश्चित करें। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व, कृषि विभाग व बीमा कंपनी फसल नुकसान का तत्काल संयुक्त सर्वे कराकर शासन को अवगत कराएं, जिससे किसानों को तत्काल मुआवजा दिलाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि निरंतर फील्ड में रहें, वस्तुस्थिति का जायजा लें और प्रभावित क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान का वास्तविक आकलन कराएं, जिससे किसानों को समय पर उचित सहायता मिल सके।