प्रदेश में सड़कों की स्थिति ठीक न होना परेशानी का सबब बना हुआ है। चालू कामों की धीमी रफ्तार पर पीडब्ल्यूडी विभागाध्यक्ष संदीप कुमार ने कड़ा एतराज जताया है। उन्होंने मुख्य अभियंताओं को चेतावनी दी है कि अगर बजट सरेंडर हुआ तो इसके लिए वे सीधे जवाबदेह होंगे।
देरी के कारण
विभाग के एक अभियंता ने नाम न छापने के अनुरोध के साथ बताते हैं कि ठेकेदारों व स्थानीय अभियंताओं की मिलीभगत के कारण काम लेट होते हैं। कई बार ठेकेदार अपनी प्लांट व मशीनरी की क्षमता से ज्यादा कार्य ले लेते हैं और ठेका देते समय इसकी ठीक से जांच नहीं की जाती कि उनके पास पर्याप्त साधन हैं भी या नहीं। यही देरी का कारण बनते हैं। शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि काम में देरी करने वाले ठेकेदारों पर कार्रवाई हो, लेकिन स्थानीय अभियंता ऐसा नहीं करते।
स्थानीय स्तर पर लगातार हो निगरानी : संदीप कुमार
काम की रफ्तार कैसे तेज हो सकती है? इस पर पीडब्ल्यूडी विभागाध्यक्ष संदीप कुमार कहते हैं कि स्थानीय स्तर पर ठीक से प्लानिंग के साथ निगरानी रखी जाए तो काम की रफ्तार में तेजी रहेगी। फिर भी जो ठेकेदार न सुनें, उन पर पेनाल्टी लगाई जाए।