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यूपी: ओडीओपी 2.0 में अनुदान सीमा 50 लाख करने का प्रस्ताव, अब वित्त पोषण और निर्यात वृद्धि पर रहेगा फोकस

Thu, 18 Dec 2025 09:44 PM IST
आकाश द्विवेदी अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

ओडीओपी सामान्य सुविधा केंद्र योजना के तहत एमएसई-सीडीपी गाइडलाइन के अनुरूप समेकित शासनादेश जारी किया जाएगा।
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सीएम योगी आदित्यनाथ - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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एक जनपद-एक उत्पाद (ओडीओपी) कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एमएसएमई विभाग ओडीओपी 2.0 की रणनीति बना रहा है। इसके तहत वित्त पोषण सहायता योजना को पीएमईजीपी की तर्ज पर विस्तारित करने का प्रस्ताव है। सफल इकाइयों को तकनीकी उन्नयन, गुणवत्ता सुधार और पैकेजिंग के लिए एड ऑन लोन दिया जाएगा। द्वितीय ऋण के लिए प्रथम ऋण की समयबद्ध अदायगी जरूरी होगी। साथ ही टर्म लोन का न्यूनतम 50 प्रतिशत हिस्सा सुनिश्चित करना होगा। मौजूदा अनुदान सीमा 20 लाख से बढ़ाकर 50 लाख करने का भी प्रस्ताव है।
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ओडीओपी सामान्य सुविधा केंद्र योजना के तहत एमएसई-सीडीपी गाइडलाइन के अनुरूप समेकित शासनादेश जारी किया जाएगा। इसके तहत न्यूनतम सदस्यों की संख्या 20 से घटाकर 10 करने, राज्यांश को 90 प्रतिशत तक रखने तथा किस्तों को 50-40-10 प्रतिशत के अनुपात में जारी करने का प्रावधान किया जा सकता है। तकनीकी उन्नयन एवं पैकेजिंग के लिए 5 करोड़ की परियोजना पर 75 प्रतिशत तक (अधिकतम 3.75 करोड़) की अतिरिक्त सहायता देने का भी प्रस्ताव है। 

कमिश्नर एवं डायरेक्टर इंडस्ट्री के. विजयेंद्र पांडियन के अनुसार वित्तीय वर्ष 2017-18 से अब तक प्रदेश के कुल निर्यात में हुई वृद्धि में 50 प्रतिशत योगदान ओडीओपी का रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक योजना के तहत 1.25 लाख से अधिक टूलकिट बांटी जा चुकी है। 6 हजार करोड़ से अधिक का ऋण उपलब्ध कराया गया है और 8 हजार से अधिक लाभार्थियों को विपणन सहायता दी गई है।
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