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यूपी: 22 सेकेंड में प्रिंसिपल ने बीएसए पर बरसाई बेल्ट, फोन उठाया तो उसे तोड़कर फेंक दिया; जानिए पूरा मामला

Wed, 24 Sep 2025 11:48 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

Principal beats BSA: यूपी के सीतापुर जिले में एक प्रिंसिपल के द्वारा बीएसए पर बेल्ट बरसाने का मामला सामने आया है। आरोपी प्रिंसिपल को जेल भेज दिया गया है। 
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बीएसए पर बरसाए बेल्ट। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह को एक प्रधानाध्यापक ने मंगलवार को कार्यालय के अंदर बेल्ट से पीट दिया। आरोपी ने 22 सेकेंड में 3 बेल्ट बरसाईं। जब बीएसए ने पुलिस को कॉल करने के लिए फोन उठाया तो छीनकर उसे भी तोड़ दिया। सरकारी अभिलेख फाड़ दिए। बीचबचाव कर रहे लिपिक प्रेम शंकर मौर्या से भी हाथापाई की। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके आरोपी शिक्षक को हिरासत में ले लिया है।

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दोपहर करीब चार बजे महमूदाबाद विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय नदवा के प्रधानाध्यापक बृजेंद्र कुमार वर्मा बीएसए कार्यालय पहुंचे। बीएसए ने एक मामले में उन्हें सुनवाई के लिए बुलाया था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया प्रधानाध्यापक की लापरवाही पर बीएसए ने उन्हें डाटा। इस पर वह आग बबूला हो गए। बीएसए को अपशब्द कहे। उसके बाद कमर से बेल्ट निकालकर चार से पांच बार प्रहार किया। 

बेल्ट का लोहे का कुंडा उनके सिर पर भी लगा। बीएसए ने फोन उठाने की कोशिश की उसे छीनकर तोड़ दिया। बीएसए की मेज पर रखे सरकारी अभिलेख भी फाड़ दिए। सुनवाई के दौरान कार्यालय में मौजूद लिपिक प्रेम शंकर ने बीचबराव करने की कोशिश की तो प्रधानाध्यापक ने उनके साथ भी हाथापाई की। कार्यालय के अंदर हो हल्ला सुनकर अन्य कर्मचारी दौड़ाकर अंदर आए और शिक्षक को पकड़ लिया। पुलिस ने शिक्षक को पकडकऱ कोतवाली लाई। बीएसए की तहरीर पर जान से मारने व सरकारी अभिलेख फाडऩे की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। घटना की जानकारी होने पर तमाम शिक्षक संगठन के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे। इंस्पेक्टर अनूप शुक्ला ने बताया मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। वहीं, देर शाम बीएसए ने जिला अस्पताल में अपना मेडिकल करवाया।

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क्या था मामला

बीएसए ने बताया कि प्रधानाध्यापक ने अपने विद्यालय की एक सहायक अध्यापिका को लापरवाही बरतने का नोटिस दिया था। इस नोटिस को उसने राजनीतिक ग्रुपों में शेयर कर दिया। इस पर शिक्षिका ने शिकायत की थी। इस शिकायत का जवाब देने के लिए कार्यालय बुलाया था। इस दौरान यह घटना हुई।

शिक्षक को डांटा था
बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया कि प्रधानाध्यापक को नोटिस का जवाब देने के लिए बुलाया था। दोबारा ऐसा कृत्य न करने की चेतावनी दी थी। इसी दौरान शिक्षक ने मारपीट की।
 
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