प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को प्रदेश के 2.25 करोड़ लाभार्थी किसानों के खाते में किसान सम्मान निधि के 4500 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए। यह धनराशि वित्त वर्ष 2021-22 के द्वितीय चतुर्मास के लिए दी गई है। इस कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी जुड़े रहे।
प्रदेश में पीएम किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत वर्ष 2018-2019 में 2195 करोड़, वर्ष 2019-20 में 10884 करोड़, वर्ष 2020-21 में 14309 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 के प्रथम चतुर्मास में 5,183 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था। प्रधानमंत्री ने इस मौके पर पीएम किसान तथा कृषि अवसंरचना कोष के लाभार्थियों में कासगंज के किसान व एफ पीओ प्रमुख श्यामा चरण उपाध्याय से बात भी की। उन्होंने उपाध्याय के प्रोजेक्ट की तारीफ की और किसानों की मदद के लिए केंद्र सरकार के प्रयासों की जानकारी भी दी।
इस अवसर पर उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि इस बार देश अपना 75वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है। ये महत्वपूर्ण पड़ाव हमारे लिए गौरव का तो है ही, ये नए संकल्पों, नए लक्ष्यों का भी अवसर है। इस अवसर पर हमें तय करना है कि आने वाले 25 वर्षों में हम भारत को कहां देखना चाहते हैं। देश जब आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, 2047 में तब भारत की स्थिति क्या होगी, ये तय करने में हमारी खेती, हमारे किसानों की बहुत बड़ी भूमिका है। ये समय भारत की कृषि को एक ऐसी दिशा देने का है, जो नई चुनौतियों का सामना कर सके और नए अवसरों का लाभ उठा सके।
उन्होंने कहा कि खरीफ हो या रबी सीजन, किसानों से MSP पर अब तक की सबसे बड़ी खरीद की गई है। इससे, धान किसानों के खाते में लगभग 1 लाख 70 हजार करोड़ रुपये और गेहूं किसानों के खाते में लगभग 85 हजार करोड़ रुपये डायरेक्ट पहुंचे हैं। बीते डेढ़ वर्षों में कोरोना महामारी के कारण दुनिया भर में हो रहे बदलावों को अनुभव किया है। इस कालखंड में देश में ही खान-पान की आदतों को लेकर जागरूकता आई है। मोटे अनाज, मसाले, सब्जी, फलों, ऑर्गेनिक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है। आज भारत कृषि निर्यात के मामले में पहली बार दुनिया के टॉप-10 देशों में पहुंचा है। कोरोना काल में देश ने कृषि निर्यात के नए रिकॉर्ड बनाए हैं। आज जब भारत की पहचान एक बड़े कृषि निर्यातक देश की बन रही है।
पीएम मोदी ने कहा कि अब देश की कृषि नीतियों में इन छोटे किसानों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। छोटे किसानों को सुविधा और सुरक्षा देने का एक गंभीर प्रयास किया जा रहा है। पीएम किसान सम्मान निधि के तहत अब तक 1 लाख 60 करोड़ रुपये किसानों को दिए गए हैं। हाल में एक और बड़ा फैसला लेते हुए सरकार ने तय किया है कि जो राज्यों में हमारी सरकार मंडियां है उनको भी विशेष इंफ्रास्ट्रक्चर फंड से मदद मिल सके। इस फंड का उपयोग करके हमारी सरकारी मंडियां बेहतर होंगी, ज्यादा मजबूत होगी, आधुनिक होगी।
कृषि अवसंरचना निधि से मदद के लिए मिले 197 आवेदन
केंद्र सरकार ने 1 लाख करोड़ रुपये से कृषि अवसंरचना निधि की स्थापना की है। इससे किसानों को कृषि संबंधी विभिन्न कार्यों के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के शिड्यूल कॉमर्शियल बैंकों को 197 परियोजनाओं के आवेदन मिले हैं। इनकी लागत 218 करोड़ रुपये है। इन आवेदनों में से 20 करोड़ रुपये की 20 परियोजनाओं की स्वीकृति के बाद पहली किस्त जारी की जा चुकी है।
विधानसभा चुनाव से पहले उज्ज्वला-2 का आगाज भी यूपी से
विधानसभा चुनाव-2017 में गेमचेंजर मानी गई प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के दूसरे चरण का आगाज भी आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर यूपी से ही होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 अगस्त को उज्ज्वला-2 योजना का वर्चुअल शुभारंभ बुंदेलखंड के महोबा से करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने विधानसभा चुनाव-2017 से पहले उज्ज्वला-1 की शुरुआत एक, मई 2016 को पूर्वांचल के बलिया से की थी। इसके बाद चुनाव नतीजों में माना गया कि इस योजना की वजह से महिलाओं का भारी समर्थन भाजपा को मिला। अब उसी रणनीति के तहत विधानसभा चुनाव-2022 के पहले उज्ज्वला-2 की शुरुआत के लिए यूपी को चुना गया है। इस चुनाव में भी भाजपा का फोकस महिला वोट बैंक पर है। मोदी-योगी सरकार की महिलाओं से जुड़ी योजनाओं के लाभार्थियों से पहले से ही संपर्क किया जा रहा है।
एक करोड़ का लक्ष्य
उज्ज्वला-1 के तहत प्रदेश में अब तक दो करोड़ से अधिक गैस कनेक्शन दिए गए हैं। जबकि, योजना के दूसरे चरण में एक करोड़ कनेक्शन का लक्ष्य है। इसमें ऐसे निम्न आय वर्ग के परिवारों को लाभ दिया जाएगा जो पहले चरण में छूट गए हैं। इससे पहले भी वोट बैंक को साधने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), स्टैंडअप योजना व किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत यूपी से ही की गई थी।