अनुपस्थिति के संबंध में बिना कारण बताओ नोटिस जारी किए तथा बिना शिक्षक का पक्ष जाने शिक्षक के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। अपर मुख्य सचिव ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा को जारी निर्देश में कहा है कि वे इस निर्णय के अनुसार आगे की कार्यवाही सुनिश्चित कराते हुए इससे शासन को अवगत कराएं।
2024 में शिक्षकों के लिए डिजिटल अटेंडेंस लागू करने का आदेश जारी किया गया था। लेकिन शिक्षकों ने इसका विरोध किया। इसके बाद तत्कालीन मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में समिति बनाकर शिक्षकों की मांगों पर निर्णय करने की बात कही गई। इसके बाद यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया था।
समिति की संस्तुति पर लिया निर्णय
हाईकोर्ट ने 16 अक्तूबर को शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए आदेश जारी किया था। इसी क्रम में विभाग ने एक समिति का गठन किया। इसमें महानिदेशक स्कूल शिक्षा, निदेशक समाज कल्याण व अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, निदेशक बेसिक शिक्षा व एससीईआरटी, बीएसए लखनऊ, सीबीएसई के पूर्व चेयरमैन, शिक्षक शामिल थे। इनकी छह नवंबर को हुई बैठक के क्रम में यह निर्देश जारी किए गए हैं।
शिक्षक नेताओं ने बिना शिक्षकों की मांग पूरी हुए इस आदेश को लागू करने पर आपत्ति दर्ज कराई है। इनमें शिक्षकों को ईएल-सीएल की सुविधा, आधे दिन का अवकाश, मेडिकल की सुविधा, सामूहिक बीमा, गृह जिले में तैनाती, गैर शैक्षिक कार्यों से मुक्त रखने की मांगें शामिल हैं।