उत्तर प्रदेश में सभी व्यावसायिक वाहनों पर एकमुश्त टैक्स जमा करने की व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। इससे वाहन मालिकों को बार-बार टैक्स जमा नहीं करना पड़ेगा। साथ ही परिवहन विभाग को टैक्स जमा करने के लिए वाहनों की जांच भी नहीं करनी होगी।
इस आशय के प्रस्ताव को कैबिनेट की बैठक में पारित कर दिया गया है। अब यह प्रस्ताव विधानमंडल में रखा जाएगा। वहां से पास होने के बाद प्रस्ताव को लागू किया जाएगा। उत्तर प्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम, 1997 के धारा चार में गैर-परिवहन एवं परिवहन दोनों प्रकार के वाहनों पर टैक्स वसूला जाता है। इसमें एकमुश्त के साथ ही मासिक, त्रैमासिक और वार्षिक टैक्स लगाने की व्यवस्था है।
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विभागीय समीक्षा में पाया गया कि करीब 60 फीसदी वाहन स्वामी एक बार ही टैक्स जमा कर देते हैं, जबकि 40 फीसदी अलग-अलग समय पर टैक्स जमा करते हैं। ऐसे में टैक्स जमा कराने के लिए परिवहन विभाग को वाहनों की जांच करनी पड़ती है।
अब दो पहिया, तीन पहिया, मोटर कैब, चार पहिया, मैक्सी कैब एवं 7500 किलोभार वाले माल वाहनों एवं जेसीबी सहित अन्य वाहनों पर एकमुश्त टैक्स लिए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इससे परिवहन विभाग को एक साथ ही राजस्व मिलेगा और उसे बार-बार टैक्स जमा कराने के लिए वाहनों की जांच नहीं करनी पड़ेगी।