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यूपी: गर्मी के पहले युद्ध बढ़ा रहा बिजली की मांग, बीते 15 दिनों में बढ़ी है दो हजार मेगावाट की खपत; ये है वजह

Sun, 15 Mar 2026 07:29 AM IST
रोहित मिश्र चन्द्रभान यादव, अमर उजाला लखनऊ

सार

Heat in UP: यूपी में गर्मी के आने से पहले ही बिजली की खपत बढ़ गई है। इसकी मुख्य वजह गैस सिलिंडर न मिल पाने की वजह से इंडक्शन और हीटर पर निर्भरता है। 
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बिजली की खपत बढ़ी। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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 प्रदेश में तापमान ही नहीं बल्कि अमेरिका-इस्राइल व ईरान के बीच छिड़ी जंग ने भी बिजली की खपत बढ़ा दी है। 15 दिनों के भीतर करीब दो हजार मेगावाट खपत बढ़ गई है। युद्ध के बीच एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति पर संकट ने इसमें बड़ी भूमिका निभाई है। लोग भोजन पकाने के लिए एलपीजी सिलिंडर के बजाय बिजली से चलने वाले उपकरणों का इस्तेमाल करने को मजबूर हैं। विभागीय अधिकारी भी इसे मान रहे हैं और खपत को ध्यान में रखकर रणनीति बनाने में जुटे हैं।

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प्रदेश में एक मार्च को बिजली की मांग अधिकतम 19190 मेगावाट रही। तापमान बढ़ने के साथ बिजली की मांग भी बढ़ने लगी है। इसी बीच ईरान में चल रही जंग ने गैस की किल्लत बढ़ा दी। इसका सीधा असर बिजली खपत पर दिख रहा है। हालत यह है कि 10 मार्च को खपत 21675 मेगावाट तक पहुंच गई। पिछले चार दिन से मौसम में नमी है। फिर भी बिजली की खपत 20 हजार मेगावाट के करीब बनी हुई है।

ऊर्जा प्रबंधन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि मौसम के मुताबिक खपत 18 से 19 मेगावाट के बीच होनी चाहिए लेकिन गैस की किल्लत से घरेलू उपभोक्ता गैस के बजाय बिजली से चलने वाले उपकरणों का इस्तेमाल ज्यादा कर रहे हैं। ऐसे में शहरी इलाके में खपत ज्यादा हो रही है जो लगातार बढ़ेगी। इसे ध्यान में रखकर शहरी फीडरों की निगरानी की जा रही है। सबसे ज्यादा मांग सुबह-शाम आठ से 10 बजे तक है।

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इंडक्शन का बढ़ा बाजार

लखनऊ के गोमती नगर में इंडक्शन के थोक विक्रेता राजेश चंद्रा बताते हैं कि मांग बढ़ी है। पहले जहां एक ही कंपनी के उत्पाद रखते थे। अब अन्य कंपनियों से भी मंगा रहे हैं। नाका बाजार निवासी मनोज गुप्ता कहते हैं कि पहले इंडक्शन की प्रतिदिन बिक्री औसतन 10 से 20 थी जो सप्ताहभर से 50 से ज्यादा हो गई है। यही स्थिति इमरसन रॉड व अन्य उपकरणों की भी है।

नहीं है बिजली की कमी

बिजली की कमी नहीं है। उपभोक्ताओं को भरपूर बिजली दी जा रही है। सभी डिस्कॉम 32 हजार मेगावाट से ज्यादा आपूर्ति का लक्ष्य रखकर काम कर रहे हैं। - डॉ. आशीष कुमार गोयल, अध्यक्ष यूपी पावर कार्पोरेशन
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प्रतिदिन बिजली की खपत

पांच मार्च 19229 मेगावाट
छह मार्च 19830 मेगावाट
सात मार्च 20426 मेगावाट
आठ मार्च 21277 मेगावाट
नौ मार्च 21307 मेगावाट
10 मार्च 21678 मेगावाट
11 मार्च 20819 मेगावाट
12 मार्च 20804 मेगावाट
13 मार्च 21048 मेगावाट

 
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