चुनावी साल में अतिरिक्त बिजली का इंतजाम करने के लिए हाथ-पांव मार रहे पावर कॉर्पोरेशन को केंद्र का सहारा मिल सकता है। आने वाले दिनों में यूपी को केंद्रीय कोटे से ज्यादा बिजली मिल सकती है।
दरअसल राजस्थान, हरियाणा समेत कई राज्यों ने केंद्र से अपने कोटे की आवंटित 4300 मेगावाट से ज्यादा बिजली सरेंडर कर दी है। इस बिजली के नए सिरे से आवंटन के लिए बिजली मंत्रालय ने यूपी समेत अन्य राज्यों को पत्र भेजकर प्रस्ताव मांगा है।
बिजली मंत्रालय के अनुसचिव डी. गुहा की ओर से भेजे पत्र में कहा गया है कि अगर राज्य सरेंडर की गई बिजली को लेने के इच्छुक हों तो बिजली की मात्रा और किस अवधि में लेना चाहते हैं, इसका प्रस्ताव भेजें।
आम तौर पर हर साल अप्रैल से बिजली की मांग में इजाफा होता था, लेकिन इस साल अभी से पारा चढ़ने के कारण मार्च के दूसरे पखवाड़े से ही मांग में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल प्रदेश में बिजली की मांग 10,000 से 10,500 मेगावाट के बीच है और उपलब्धता भी पर्याप्त है, लेकिन अगले महीने से बिजली की किल्लत हो सकती है।