प्रदेश सरकार माटी कला को आगे बढ़ाने वाले कुम्हारों को बिना आवेदन ही मिट्टी की खोदाई के लिए तालाब या जमीन का पट्टा देगी। इस संबंध में प्रमुख सचिव राजस्व रणवीर प्रसाद ने शासनादेश जारी कर दिया है। इसमें निर्देश दिए गए हैं कि चकबंदी मैनुअल के पैरा 178 के प्रावधानों के अनुसार जिस गांव में कुम्हारों की संख्या बहुत कम है या एक कुम्हार है। उसके द्वारा मिट्टी कला को संजोए रखने का काम किया जा रहा है और उसने आवेदन या प्रस्ताव नहीं दिया, तो उसे मिट्टी देने के लिए भूमि सुरक्षित करते हुए उसे मिट्टी खुदाई का ठेका दिया जाएगा।
शासनादेश के बाद अब कुम्हारों को मिट्टी की किल्लत नहीं होगी और माटी कला को बढ़ावा मिलेगा। माटी कला बोर्ड ने इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजते हुए अनुरोध किया था। इस पर मुहर लग गई। मुहर लगने के साथ ही प्रदेश के सभी 822 ब्लॉकों के 97,941 गांवों में यह व्यवस्था लागू हो गई है।