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UP: संदीप सिंह हत्याकांड पर राजनीति गर्मायी, ओपी राजभर का अखिलेश पर तंज, बोले- हत्यारा आपका करीबी निकला

Wed, 03 Jun 2026 08:19 PM IST
Akash Dwivedi डिजिटल डेस्क, लखनऊ

सार

रियल एस्टेट कारोबारी संदीप सिंह हत्याकांड को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मंत्री ओपी राजभर ने आरोपी के सपा से जुड़े होने का दावा करते हुए अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिस मामले को लेकर सरकार पर सवाल उठाए जा रहे थे, उसमें गिरफ्तार आरोपी विपक्षी दल का करीबी निकला।
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राजभर का अखिलेश पर तंज। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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रियल एस्टेट कारोबारी संदीप सिंह हत्याकांड को लेकर राजनीति गर्म है। हत्याकांड को लेकर प्रदेश सरकार में मंत्री ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि जिस हत्या को लेकर सपा लगातार सरकार को घेर रही थी, अब उसी मामले में गिरफ्तार आरोपी सपा से जुड़ा निकला है।

उल्टा चोर कोतवाल को डांटे

राजभर ने लिखा...एक कहावत है, उल्टा चोर कोतवाल को डांटे। 27 तारीख से अखिलेश यादव कह रहे थे कि लखनऊ में हत्या हो गई, लेकिन हत्यारे की गिरफ्तारी नहीं हुई। अब हत्यारा मिल गया है और वह आपका अपना करीबी निकला। उन्होंने दावा किया कि गिरफ्तार आरोपी सपा की समाजवादी लोहिया वाहिनी का पदाधिकारी रहा है।

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 राजभर ने आरोप लगाया कि एक आरोपी यादव और दूसरा मुस्लिम समुदाय से है और दोनों सपा के समर्थक हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यही वे लोग हैं जिन्हें आप अपना बच्चा बताते हैं। राजभर ने अपने पोस्ट में एक तस्वीर भी साझा की है। जिसमें हत्याकांड का मास्टरमाइंड की अखिलेश यादव के साथ है।

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राजभर ने कहा था- सिर्फ चुनावी भीड़ जुटाने तक सीमित कर दी

विधायक महाराजी प्रजापति के आवास पर हुए बवाल ने अब उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने इस मामले को हथियार बनाते हुए समाजवादी पार्टी और उसके पीडीए फार्मूले पर जोरदार हमला बोला है। सोशल मीडिया पर किए गए उनके तीखे पोस्ट ने अमेठी की सियासत को और गर्मा दिया है।

राजभर ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी में गैर-यादव पिछड़ों और दलितों की भूमिका सिर्फ चुनावी भीड़ जुटाने तक सीमित कर दी गई है। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि बहुजन समाज के लोगों को सपा में “झंडा-झोला ढोने, दरी बिछाने और वोट देने” का काम सौंपा गया है, जबकि सत्ता, सम्मान और हिस्सेदारी का असली लाभ एक खास वर्ग तक ही सीमित रहता है।

उन्होंने कहा कि अमेठी की घटना ने सपा के भीतर की सच्चाई उजागर कर दी है। एक महिला विधायक और उनके परिवार के साथ कथित मारपीट, गाली-गलौज और धमकी की घटना के बाद भी पार्टी नेतृत्व की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। 
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