प्रदेश की नदियों में शवों को अंतिम संस्कार के लिए प्रवाहित करने से रोकने के लिए पुलिस तैनात कर दी गई है। खास कर गंगा नदी के किनारे बसे जिलों को अपनी सीमा क्षेत्र में नदियों के किनारे तथा नदी में पुलिस, पीएसी व एसडीआरएफ के जरिए पेट्रोलिंग कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि शवों को प्रवाहित न करने के लिए धर्म गुरुओं को भी जागरूक किया जाए। उनसे जिलों के अधिकारी बात करें। उन्होंने कहा कि शवों की अंत्येष्टि के लिए जल प्रवाह या नदी के किनारे दफनाने की प्रक्रिया पर्यावरण के अनुकूल नहीं है। उन्होंने पुलिस अफसरों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि किसी भी हाल में शवों को नदी में प्रवाहित न करने दिया जाए।
उधर, अपर पुलिस महानिदेश कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि घाटों पर भी पुलिस पिकेट के जरिए निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि जिलों के अफसरों को निर्देश दिए गए हैं कि शवों के अंतिम संस्कार के लिए प्रदेश सरकार द्वारा 5000 रुपये दिए जा रहे हैं। इसका प्रचार प्रसार भी किया जाए।
पुलिस ने कराया नदियों में मिले 39 शवों का अंतिम संस्कार
प्रशांत कुमार ने जिलों से मिली रिपोर्ट के हवाले से बताया कि अब तक वाराणसी में 7 शव, गाजीपुर में 15-16 शव, चंदौली और बलिया में 8-8 शव मिले हैं, जिनका उचित रितिरिवाज के साथ अंतिम संस्कार कराया गया है। उन्नाव में गंगा नदी में पुलिस पेट्रोलिंग की जा रही है। इसी तरह बलिया में भी नदी के अंदर व नदी के किनारे गश्त की जा रही है। गाजीपुर के 18 शमशान घाटों पर पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों की टीम की ड्यूटी शिफ्टवार लगाई गई है। गाजीपुर के सैदपुर थाना क्षेत्र से गहमर थाना क्षेत्र तक पुलिस की 34 टीमों को पेट्रोलिंग की ड्यूटी के लिए लगाया गया है। इसी तरह वाराणसी, कानपुर, चंदौली और फतेहपुर में भी गंगा नदी के अंदर और बाहर लगातार पेट्रोलिंग कराए जाने का दावा एडीजी कानून व्यवस्था की ओर से किया गया है।
थानों पर बनाई गई कोविड हेल्पडेस्क
प्रशांत कुमार ने बताया कि डीजीपी मुख्यालय से निर्देश दिए गए हैं कि प्रदेश के सभी थानों में कोविड हेल्प डेस्क बनाई जाए। सोमवार शाम तक लगभग सभी 1789 थानों में कोविड हेल्पडेस्क की स्थापना की जा चुकी है। यहां पुलिस स्टाफ के साथ-साथ जनता के लोगों की भी कोरोना के प्रारंभिक लक्षणों की जांच की जाती है। इन कोविड हेल्प डेस्क पर पल्स आक्सीमीटर और डिजिटल थर्मामीटर उपलब्ध है।
डीआरडीओ की दवा के लिए मांग पत्र भेजेगी प्रदेश सरकार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि डीआरडीओ की ओर से लांच की गई नई दवा के लिए मांग पत्र भेजा जाए। इस दवा का प्रारंभिक तौर पर वितरण केंद्र सरकार करेगी। टीम 9 की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 उपचार में दिशा में नित नए अनुसंधान हो रहे हैं। हमें इन पर नजर बनाए रखनी चाहिए। डीआरडीओ द्वारा विकसित एक नई दवा लांच हो गई है। इस संबंध में आवश्यक मांग पत्र तत्काल भेज कर इसकी आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाए।