दो महीने से वेतन के लिए तरस रहे स्मारक संरक्षण समिति के कर्मचारियों और पुलिस के बीच जमकर भिड़ंत हो गई। स्मारक संरक्षण समिति में करीब 5500 कर्मचारी हैं। इन कर्मचारियों को अक्तूबर-नवंबर से वेतन नहीं मिला।
स्मारक के सफाईकर्मी छोटू की बुधवार तड़के मौत हो गई। मौत की वजह हार्टअटैक बताई जा रही है। छोटू वेतन न मिलने की वजह से परेशान था।
8000 रुपये मासिक वेतन पाने वाला छोटू उजरियांव गांव में किराए से रह रहा था। वेतन न मिलने से छोटू ने दो महीने से मकान का किराया भी नहीं दिया था। वह खुद भी बीमार था उसकी पत्नी गर्भवती है।
जानकारी के मुताबिक तनावग्रस्त होने की वजह से हार्टअटैक से मौत हो गई। छोटू की मौत से गुस्साए कर्मचारी नेता धनंजय और सुरेश राणा के नेतृत्व में शव लेकर 1090 चौराहे पहुंच गए।
इससे पहले सभी स्मारक और पार्क बंद करा दिए गए। चौराहे पर पहुंचकर शव रखकर जाम लगा दिया। प्रदर्शन में छोटू की पत्नी और परिजन भी मौके पर मौजूद थे।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर बरसाए पत्थर
करीब डेढ़ घंटे तक सड़क पर जाम रहा। जब स्कूलों की छुट्टी होने पर प्रदर्शनकारियों ने स्कूली वाहनों को रोकने की कोशिश की तो पुलिस ने आंदोलनकारियों पर लाठी भांजी।
शव के इर्द-गिर्द बैठी महिलाओं को भी नहीं बख्शा। 10 मिनट बाद जियामऊ की ओर से कर्मचारियों की भीड़ ने लोहिया पथ पर पथराव शुरू कर दिया।
जवाब में पुलिस ने भी पत्थर बरसाए। इन लोगों को पुलिस ने खदेड़ने की कोशिश की तो भारी संख्या में मौजूद आंदोलनकारियों ने पुलिस को वापस खदेड़ दिया।
एसपी पश्चिम राजेश कुमार ने टीयर गन से फायर कर भीड़ को तितर-बितर किया। एसएसपी प्रवीण कुमार पुलिसबल के साथ मौके पर पहुंचे।
फोर्स ने आंदोलनकारियों को जियामऊ तक खदेड़ा लेकिन पुलिस के हत्थे कोई आंदोलनकारी नहीं चढ़ा। डालीबाग कॉलोनी, निशातगंज, लोहिया पथ, गोमती बैराज, सिविल अस्पातल के आसपास का इलाका, जापलिंग रोड पर घंटों जाम की स्थिति से अफरातफरी रही।
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