डॉ. विजय उपाध्याय ने बताया कि पेट में चार छोटे छेद कर ऑपरेशन किया गया और दोनों बच्चियों को रक्त चढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ी। प्रत्येक ऑपरेशन पर करीब तीन लाख रुपये खर्च हुए। दोनों बच्चियों की आगे भी कीमोथेरेपी जारी रहेगी। हालांकि लिवर कैंसर के 90 फीसदी बच्चों में दोबारा कैंसर होने का खतरा बहुत कम होता है। संस्थान निदेशक ने ऑपरेशन टीम को बधाई दी।
ये रहे ऑपरेशन टीम में
टीम में डॉ. बसंत कुमार, डॉ. विजय उपाध्याय, डॉ. अंकुर मण्डेलिया, डॉ.अंजू, डॉ.तरुण, डॉ.रोहित, एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. अरमानजीत सिंह, डॉ. कोमल पासवान, डॉ. अंशिता और नर्सिंग ऑफिसर रीता आर्य, प्रियंका शर्मा, मनु के, शबनम आरा, जितिन, श्रवण, मनोज कुमार शामिल रहे।