डिलीवरी कर्मी ने जताई परेशानी
डिलीवरी का काम करने वालों ने बताया कि पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने से सबसे ज्यादा परेशानी उनके जैसे लोगों को होती है। कंपनी उन्हें 14 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से भुगतान करती है, जिसमें से लगभग 10 रुपये पेट्रोल में ही खर्च हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि वह 17 घंटे काम करके करीब 1000 रुपये कमाते हैं, लेकिन उसमें से 400 रुपये सिर्फ पेट्रोल में खर्च हो जाते हैं, जिससे केवल 600 रुपये ही बचते हैं।
पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ने से बजट बिगड़ा
पेट्रोल टंकी पर तेल डलवाने सुनील सिंह ने कहा कि पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ने से काफी दिक्कत हो जाती है, सरकार अपने टैक्स में कटौती करनी चाहिए। तेल का दाम बढ़ने से हर चीज में समस्या हो रही है , महंगाई बढ़ रही है।
महंगाई सिर्फ एक सेक्टर में नहीं है खानपान से लेकर बच्चों की पढ़ाई दवाई कपड़े सब महंगा हो रहा है। इतनी महंगाई हो चुकी है कि बजट बिल्कुल बिगड़ चुका है। फ्यूल महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन का खर्चा बढ़ जाता है । इसके बाद फल और सब्जी सब कुछ महंगी मिलती है।