2340 किमी लंबा है नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर
नॉर्थ साउथ कॉरिडोर के तहत छह प्रमुख मार्ग रखे हैं। इनकी कुल लंबाई 2340 किमी है, जिसमें से 2041.60 किमी सड़क एक्सप्रेसवे या राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में पहले से निर्मित हैं। शेष 298.4 किमी के लिए राज्य सरकार ने अपने स्तर से योजना तैयार की है। इसमें पहला इकौना (श्रावस्ती)-अयोध्या-सुल्तानपुर-प्रयागराज मार्ग है, जोकि 262 किमी लंबा है।
यह सड़क एनएचएआई के तहत आती है और पूरी तरह से निर्मित है। दो, कुशीनगर-देवरिया-दोहरीघाट-गाजीपुर-जमनिया मार्ग है, जिसकी कुल लंबाई 220 किमी है। इसमें से 163 किमी मार्ग फोरलेन बना हुआ है, जबकि देवरिया से कसया तक 31.5 किमी लंबा मार्ग और देवरिया से बरहज तक 21.75 किमी लंबा मार्ग स्वीकृत हो चुका है। इसके लिए 464.33 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
टांडा सुरहरपुर और शाहगंज मुंगरा बादशाहपुर मार्ग का प्रस्ताव भेजा
तीसरा 295 किमी लंबा पिपरी (भारत-नेपाल सीमा)-बांसी (सिद्धार्थनगर)-प्रयागराज मार्ग है। इसमें 187.6 किमी मार्ग पहले से बना हुआ है, जबकि 107.4 किमी सड़क बननी है। इसमें सिद्धार्थनगर में 9.40 किमी बर्डपुर पिपरहवा मार्ग के लिए 261.50 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। वहीं, 30 किमी लंबा टांडा सुरहुरपुर मार्ग और 68 किमी शाहगंज-मुंगराबाद शाहपुर मार्ग का प्रस्ताव भेज दिया गया है।
चौडगरा-जोनिहा-ललौली मार्ग कार्ययोजना में शामिल
कॉरिडोर के तहत चौथा पैच 502 किमी लंबा लखीमपुर-सीतापुर-नवाबगंज-बांदा मार्ग है। इसमें 456 किमी सड़क निर्मित है। शेष 29 किमी लंबे चौडगरा-जोनिहा मार्ग और 17 किमी लंबे जोनिहा-ललौली मार्ग का प्रस्ताव कार्ययोजना में शामिल कर लिया गया है।
मुस्तफाबाद-पूरनपुर और शाहजहांपुर-मुंडेर मार्ग भी होगा चौड़ा
वहीं, कॉरिडोर में पांचवां 547 किमी लंबा बरेली-आगरा-झांसी-ललितपुर मार्ग शामिल है, जो पूरी तरह से निर्मित है। वहीं, छठा मुस्तफाबाद (पीलीभीत टाइगर रिजर्व)-शाहजहांपुर-उरई-हरपालपुर मार्ग 514 किमी लंबा है, जो 426 किमी निर्मित है, जबकि शेष 32 किमी लंबे मुस्तफाबाद-पूरनपुर और 56 किमी शाहजहांपुर-मुंडेर मार्ग को कार्ययोजना में शामिल किया गया है।