75 जिलों के 81 इकाइयों में ऑक्सीजन के उत्पादन और रिफिलिंग का काम हो रहा है। इनमें गौतमबुद्धनगर में एक, गाजियाबाद में एक मैन्यूफैक्चरर और 15 रीफिलर, आगरा में सात रीफिलर और एक मैन्यूफैक्चरर, मथुरा में दो मैन्यूफैक्चरर, अलीगढ़ में तीन रीफिलर एक मैन्यूफैक्चरर, कानपुर नगर में दो रीफिलर और दो मैन्यूफैक्चरर, कानपुर देहात में एक मैन्यूफैक्चरर और एक रीफिलर, लखनऊ में तीन रीफिलर और दो प्रोड्यूसर, प्रयागराज में एक मैन्यूफैक्चरर, मुजफ्फरनगर में दो मैन्यूफैक्चरर एक रीफिलर, वाराणसी में एक मैन्यूफैक्चरर, चंदौली में छह मैन्यूफैक्चरर और संतकबीरनगर में एक मैन्यूफैक्चरर इकाई है।
इसके अलावा अयोध्या में एक, बाराबंकी में एक, अंबेडकरनगर में एक, फिरोजाबाद में तीन, अमेठी में दो, बरेली में तीन, बहराईच में एक, गोरखपुर में दो, झांसी में तीन, और्रैया में एक, शामली में एक, बुलंदशहर में एक, मेरठ में एक, बिजनौर में दो, मुरादाबाद में चार, मीरजापुर में एक रीफिलर ईकाई ऑक्सीजन का उत्पादन कर रही है।
दो दर्जन से ज्यादा इकाइयों की इंडस्ट्रियल सप्लाई रोकी गई
खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन ने हाल ही में ऑक्सीजन का उत्पादन और रीफिलिंग की क्षमता तत्काल बढ़ाने को लेकर आदेश जारी किए थे। इसी कड़ी में कई इकाइयों ने उत्पादन और रीफिलिंग बढ़ाया है। इसके अलावा यह सुनिश्चित किया गया है कि ऑक्सीजन की सप्लाई सिर्फ मेडिकल उपयोग में ही लाई जाए। जिसके तहत दो दर्जन से ज्यादा इकाइयों की इंडस्ट्रियल आपूर्ति रोकी दी गई है।